वाराणसी के लहरतारा में मकान में धमाके में तीन मौतों के बाद पुलिस और प्रशासन की नींद टूटी है। गुरुवार को चौक थाना क्षेत्र के राजादरवाजा में सीओ दशाश्वमेध अभिनव यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने फैसल खान के घर में छापेमारी की। छापेमारी के दौरान डेढ़ लाख रुपये का पांच क्विंटल पटाखे बरामद कर फैसल को गिरफ्तार किया गया।
एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि सभी क्षेत्राधिकारियों और थानाध्यक्षों को निर्देश दिया गया है कि अवैध तरीके से पटाखों की बिक्री और भंडारण करने वालों के खिलाफ रोजाना अभियान चलाकर कार्रवाई करें। इस संबंध में लापरवाही बरतने वाले क्षेत्राधिकारी और थानाध्यक्ष कार्रवाई की जद में आएंगे।
पितरकुंडा में छह मौतों के बाद भी नहीं चेता पुलिस-प्रशासन
पितरकुंडा में 25 अक्तूबर 2016 को अवैध तरीके से पटाखा बनाने के दौरान हुए धमाके में छह लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद भी जिला पुलिस और प्रशासन पटाखों की अवैध बिक्री को लेकर गंभीर नहीं हुआ। नतीजतन, दो साल बाद एक बार फिर बुधवार को लहरतारा में दो लोगों की मौत हो गई और एक व्यक्ति जिंदगी-मौत के बीच जूझ रहा है।
इससे पहले वर्ष 2009 में लोहता थाना के अलावल में पटाखा बनाने के दौरान पिता-पुत्र की मौत हो गई थी और कई लोग गंभीर रूप से झुलस गए थे।शहर मेें पटाखे के अवैध भंडारण और बिक्री के लिए घनी आबादी वाले दालमंडी, नई सड़क, हड़हा, लल्लापुरा, पितरकुंडा, दोषीपुरा और लोहता थाना के कुछ क्षेत्र चिह्नित हैं।
सूत्रों के अनुसार इन इलाकों में दीपावली के लगभग एक माह पहले ही पटाखों का अवैध तरीके से भंडारण कर लिया जाता है। 50 करोड़ से रुपये ज्यादा के पटाखे अवैध तरीके से दालमंडी से पूर्वांचल के जिलों में बिक्री के लिए जाते हैं। इस काम में स्थानीय पुलिस, एलआईयू के साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों की भी मिलीभगत होती है।
30 घंटे बाद बहाल हुई विद्युत आपूर्ति, बिलबिलाए लोग
लहरतारा में बुधवार को मकान में धमाके के बाद क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति बंद कर दी गई थी। गुरुवार को लगभग 30 घंटे बाद बिजली आई तो लोगों ने राहत की सांस ली। मोहल्ले के लोगों ने बताया कि इस दौरान पीने के पानी के साथ ही रोजमर्रा के अन्य कामों को लेकर भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों की धुकधुकी बढ़ी
धमाके के बाद गायब हुए रिंकू और उसके भाई टिंकू की तलाश में पुलिस की चार टीमें लगाई गई हैं। दोनों की तलाश में गुरुवार को भी पुलिस टीमें और फैंटम दस्ते कई नर्सिंगहोम पहुंचे लेकिन पता नहीं लगा। इसके साथ ही दोनों की तलाश के लिए सर्विलांस की भी मदद ली जा रही है। इस संबंध में सीओ भेलूपुर सत्येंद्र तिवारी ने बताया कि संभावना है कि जल्द ही दोनों पुलिस की गिरफ्त में होंगे। उधर, धमाके के बाद घटना के संबंध में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों की धुकधुकी बढ़ गई है। संभावना जताई जा रही है कि लापरवाह पुलिसकर्मियों के खिलाफ जल्द ही कार्रवाई होगी।