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वाराणसी : प्रेमिका से बात करने के चक्कर में पुलिस के हत्थे चढ़ा डकैत, देर रात हुई थी मुठभेड़

Thu, 08 Apr 2021 01:27 AM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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पुलिस मुठभेड़ में घायल डकैत वीरेंद्र सिंह। - फोटो : अमर उजाला
गोरखपुर और देवरिया में डकैती में वांछित 50 हजार के इनामी बदमाश वीरेंद्र सिंह को मंगलवार की देर रात लखनऊ से आई एसटीएफ और रामनगर थाने की संयुक्त टीम ने वाराणसी जनपद के रामनगर क्षेत्र स्थित लंका मैदान तिराहे से मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया। 

पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि वीरेंद्र की नट बिरादरी की एक महिला से प्रेम संबंध है। उसी के चक्कर में उसके घर वालों से भी वीरेंद्र के संबंध खराब हो गए। प्रेमिका से बात करने के लिए ही वह मोबाइल का मोह नहीं छोड़ पाया। रामनगर से भी वह प्रेमिका के नियमित संपर्क में था। इसके बाद सर्विलांस की मदद से वीरेंद्र के लोकेशन का पता लगा और मुठभेड़ में देर रात पुलिस के हत्थे चढ़ा। देखें अगली स्लाइड्स...।
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गोरखपुर और देवरिया की पुलिस करेगी पूछताछ
बलिया जिले के रसड़ा थाने के सोनपुरवा निवासी बदमाश रामनगर में छुप कर रह रहा था। उसके पास से मोबाइल फोन और तमंचा व कारतूस बरामद हुए हैं। वीरेंद्र को जल्द गोरखपुर और देवरिया की पुलिस साथ ले जाकर डकैती की दो वारदात के संबंध में पूछताछ करेगी।
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रामनगर क्षेत्र में ठिकाने बदल कर रह रहा था
गोरखपुर के गगहा थाने और देवरिया के लार थाने में दर्ज ईंट-भट्ठों में डकैती के दो मुकदमों में वांछित वीरेंद्र की पुलिस तलाश कर रही थी। डीसीपी काशी जोन अमित कुमार ने बताया कि वीरेंद्र जिस मोबाइल का इस्तेमाल करता था, उसी की मदद से पता लगा कि वह रामनगर क्षेत्र में ठिकाने बदल कर रह रहा है और वह मजदूरी करता है। सर्विलांस की मदद से वीरेंद्र के लोकेशन का पता लगा कर एसटीएफ लखनऊ की टीम दरोगा पवन कुमार सिंह के नेतृत्व में आई। टीम की मदद के लिए एसीपी कोतवाली प्रवीण सिंह के नेतृत्व में इंस्पेक्टर रामनगर वेदप्रकाश राय और सूजबाद चौकी इंचार्ज आशीष मिश्र को लगाया गया।

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अस्पताल के बाहर मौजूद पुलिस फोर्स। - फोटो : अमर उजाला
रात दो बजे पुलिस और एसटीएफ ने की घेरेबंदी
मंगलवार की रात दो बजे के लगभग पता लगा कि वीरेंद्र रामनगर स्थित लंका मैदान तिराहे के समीप है। इस पर एसटीएफ और पुलिस की संयुक्त टीम ने घेरेबंदी की तो वीरेंद्र ने फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में गोली उसके दाएं घुटने के नीचे लगी और वह पकड़ा गया। मंडलीय अस्पताल और फिर बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में उसका उपचार कराने के बाद बुधवार को उसे अदालत में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
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कई जिलों में दर्ज हैं दर्जनभर मुकदमे
वीरेंद्र ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि उसके गिरोह का सरगना बलिया के सुखपुरा थाना के केसरुआ गांव का छोटक उर्फ ठुड़ी है। छोटक इन दिनों जेल में है। छोटक की गिरफ्तारी के बाद से वह गोरखपुर, देवरिया और बलिया की ओर नहीं गया। बनारस में उसे कोई पहचानता नहीं था, इसी वजह से वह यहां छुप कर काम कर रहा था। गोरखपुर और देवरिया में ईंट-भट्ठों में डकैती के अलावा उसके खिलाफ मऊ, बलिया और बनारस में 12 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। वीरेंद्र के आपराधिक इतिहास के बारे में गोरखपुर, देवरिया, मऊ और बलिया की पुलिस से पता लगाया जा रहा है।
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