कई जिलों में दर्ज हैं दर्जनभर मुकदमे
वीरेंद्र ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि उसके गिरोह का सरगना बलिया के सुखपुरा थाना के केसरुआ गांव का छोटक उर्फ ठुड़ी है। छोटक इन दिनों जेल में है। छोटक की गिरफ्तारी के बाद से वह गोरखपुर, देवरिया और बलिया की ओर नहीं गया। बनारस में उसे कोई पहचानता नहीं था, इसी वजह से वह यहां छुप कर काम कर रहा था। गोरखपुर और देवरिया में ईंट-भट्ठों में डकैती के अलावा उसके खिलाफ मऊ, बलिया और बनारस में 12 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। वीरेंद्र के आपराधिक इतिहास के बारे में गोरखपुर, देवरिया, मऊ और बलिया की पुलिस से पता लगाया जा रहा है।