रोहनिया के गांव में छात्रा से दुराचार के आरोपी को जेल भेजा
- फोटो : अमर उजाला
वाराणसी के एक गांव में 19 सितंबर की देर रात हुई 12 वर्षीय छात्रा की निर्मम हत्या के मामले का पुलिस ने सोमवार को खुलासा कर दिया। छात्रा की हत्या के आरोप में शहंशाहपुर निवासी राजेश पटेल को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेज दिया है। राजेश पटेल की पत्नी एक साल पहले उसे छोड़कर चली गई थी। वह अक्सर छात्रा के घर आया जाया करता था और उसकी मां को संपत्ति का लालच देकर शादी करने का प्रस्ताव देता था।
पुलिस के अनुसार आरोपी ने कुबूल किया है कि घटना की रात वह शराब के नशे में धुत था। मोहनसराय-अदलपुरा मार्ग पर सड़क किनारे घर के सामने चारपाई पर सोई छात्रा को देखकर उसकी नीयत खराब हुई और वह उसका मुंह दबाकर कमरे के अंदर खींच ले गया। उसने छात्रा से दुराचार का प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली तो उसके सिर, चेहरे और गर्दन पर हंसिया और ईंट से वार कर पीछे के दरवाजे से भाग निकला।
पुलिस ने राजेश की निशानदेही पर छात्रा के कपड़े, वारदात में प्रयुक्त हंसिया व ईंट और आरोपी के वे कपड़े भी बरामद किए हैं जो उसने वारदात के समय पहने थे। आरोपी से एसएसपी के साथ आईजी रेंज और एडीजी जोन ने पूछताछ की।
पुलिस के अनुसार फोरेंसिक लैब से रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि छात्रा के साथ दुराचार हुआ था या नहीं। एसएसपी ने बताया कि सनसनीखेज प्रकरण के खुलासे के लिए इंस्पेक्टर रोहनिया और उनकी टीम को 10 हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया है। 20 सितंबर की सुबह पांचवीं में पढ़ने वाली छात्रा का शव उसके घर में निर्वस्त्र मिला था।
इस तरह से पकड़ में आया
हत्या में प्रयुक्त हंसिया और ईंट
- फोटो : अमर उजाला
छात्रा की मां से 19 सितंबर की शाम राजेश पटेल ने मोबाइल पर बात की थी। छात्रा की मां ने उसे बताया था कि वो अपने मायके आई हुई है। क्राइम ब्रांच प्रभारी विक्रम सिंह ने छात्रा की मां की मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली तो इसकी तस्दीक हुई।
एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि इंस्पेक्टर रोहनिया श्रीप्रकाश गुप्ता ने तफ्तीश शुरू की तो सामने आया कि 19 सितंबर की रात राजेश पटेल को छात्रा के घर के आसपास देखा गया था। इस आधार पर राजेश की खोजबीन शुरू की गई तो पता लगा कि वो घर छोड़ कर भागा हुआ है।
रोहनिया इंस्पेक्टर ने मुखबिरों की मदद से मोहनसराय ऑटो स्टैंड के समीप से राजेश को गिरफ्तार किया। रजेश पटेल की छात्रा के परिवार से जान पहचान कुछ साल पहले ही हुई थी। वह पास की ही कपड़े की दुकान पर आता जाता था। वहीं से घर आना-जाना शुरू हुआ। एक साल पहले राजेश को उसकी पत्नी छोड़ कर चली गई थी। छात्रा के पिता की भी मौत हो चुकी थी, इसलिए वह उसकी मां से शादी करना चाहता था।
रामलीला से जुड़े व्यक्ति को हिरासत में लेने से ग्रामीण नाराज
- फोटो : अमर उजाला
छात्रा की हत्या के मामले में गांव की रामलीला समिति से जुड़े एक व्यक्ति को पुलिस द्वारा उठाए जाने से ग्रामीणों में नाराजगी है। लोगों का कहना था कि जिस व्यक्ति को पुलिस ने उठाया है वह बेहद सीधा है। गांव के बहुत से लोग जिनमें रामलीला समिति के पात्र भी थे रोहनिया थाने पहुंचे और उक्त व्यक्ति को छोड़े जाने की मांग की।
पुलिस ने रामलीला समिति के पात्रों से भी हिरासत में लिए गए व्यक्ति के बारे में पूछताछ की। रामलीला समिति के पात्रों ने जानकारी दी कि हिरासत में लिए गए व्यक्ति प्रतिदिन पात्रों को रिहर्सल कराते हैं। रिहर्सल कार्यक्रम रोजाना रात 10 बजे तक चलता है। ग्रामीणों ने चेताया है कि हिरासत में लिए व्यक्ति को पुलिस ने नहीं छोड़ा तो सभी आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।