रोहनिया में नेटवर्क मार्केटिंग मामले में छापा मारने पहुंची पुलिस।
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नेटवर्क मार्केटिंग के नाम पर सपनों का कारोबार चल रहा था, लेकिन हकीकत में यह कथित तौर पर डर, दबाव और उगाही का जाल निकला। रोहनिया में एक तीन मंजिला मकान के हॉल में पुलिस ने छापा मारकर नेटवर्क मार्केटिंग का खेल उजागर किया। पुलिस ने 250 युवकों-युवतियों को मुक्त कराया, जहां उन्हें नए सदस्य जोड़ने के लिए कथित रूप से बंधक बनाकर प्रताड़ित किया जा रहा था। सभी से 20-20 हजार रुपये लिए गए थे। 50 लाख रुपये की उगाही हुई। पुलिस ने 20 लोगों को हिरासत में लिया और पूछताछ में जुट गई है। रोहनिया में कारोबार का संचालन एक महीने पहले शुरू हुआ।
क्या है पूरा मामला
एसीपी विदुष सक्सेना ने बताया कि महादेव इंटरप्राइजेज और आरएचई के नाम से नेटवर्क मार्केटिंग का संचालन हो रहा था। जांच में पता चला है कि गिरोह शैंपू, साबुन और डिटर्जेंट पाउडर जैसे उत्पादों की बिक्री की आड़ में लोगों को जोड़ रहा था। नए सदस्यों को बताया जाता था कि दो अन्य लोगों को नेटवर्क से जोड़ने पर मोटा कमीशन और लाखों कमाने का अवसर मिलेगा।
इसी लालच में बिहार, झारखंड सहित कई राज्यों के युवक इस नेटवर्क का हिस्सा बने। सभी को 20-20 हजार रुपये लेकर जोड़ा गया। पीड़ितों ने बताया कि निर्धारित संख्या में नए सदस्य नहीं जोड़ने या नेटवर्क छोड़ने की कोशिश करने पर उनके साथ मारपीट की जाती थी। उन्हें बाहर जाने से रोका जाता और परिचितों को बुलाकर सदस्य बनाने का दबाव बनाया जाता था।