बातचीत आगे बढ़ी तो उनका एक काम कराने के लिए उनसे अखिलेश एक लाख 60 हजार रुपये लिया। अखिलेश ने मार्च 2020 में काम कराने को कहा था। इसके बाद लॉकडाउन लग गया था। जया फिर अखिलेश से संपर्क की तो वह टालमटोल करने लगा। हाल ही में एक दिन जया ने अखिलेश को फोन किया तो एक युवती कॉल रिसीव की। उस युवती ने जया को बताया कि अखिलेश उसके साथ भी 50 हजार की धोखाधड़ी किया था। पैसा वापस न करने पर वह उसका फोन रख ली है। इसके बाद जया ने अपने साथ हुई धोखाधड़ी की शिकायत कैंट थाने की पुलिस से की।
इस संबंध में इंस्पेक्टर कैंट राकेश सिंह ने बताया कि नौकरी दिलाने, ठेके-पट्टे का काम कराने और लखनऊ-दिल्ली के बड़े अफसरों से काम कराने का झांसा देकर अखिलेश ने कई लोगों के साथ धोखाधड़ी की है। अखिलेश रवींद्रपुरी कॉलोनी में भी रहता था। सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से उसे चिन्हित कर चौकाघाट पुल के समीप से गिरफ्तार किया गया है।