सर्किट हाउस में मौजूद नृपेंद्र मिश्र।
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मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने सोमवार को सबसे पहले रामजन्मभूमि परिसर पहुंचकर निर्माण कार्य की प्रगति देखी। तकनीकी विशेषज्ञों व ट्रस्ट पदाधिकारियों ने उन्हें नींव का स्थल दिखाया। जहां खोदाई में 200 फिट नीचे तक भुरभुरी बालू मिल रही है।
उन्होंने टेस्ट पाइलिंग के तहत तैयार पिलर को भी देखा। इसके बाद रामजन्मभूमि परिसर स्थित विश्वामित्र आश्रम में करीब एक घंटे तक निर्माण कार्य की प्रगति सहित अन्य बिंदुओं की समीक्षा की। इस दौरान ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने उन्हें पूरी जानकारी उपलब्ध कराई। उन्होंने राममंदिर के पत्थर तराशी के लिए चुने गए स्थान को भी देखा। उन्हें बताया गया कि जो पत्थर तराशे गए हैं उन्हें परिसर में पहुंचाने का काम चल रहा है।
सुझावों का अध्ययन कर रही समिति
ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र ने बताया कि राममंदिर के अतिरिक्त शेष 65 एकड़ की भव्यता के लिए देशभर से पांच सौ से अधिक सुझाव आए हैं। इन सुझावों के अध्ययन के लिए एक विशेष कमेटी ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष महंत गोविंद देव गिरि की अध्यक्षता में बनाई गई है। कमेटी में कई आर्किटेक्ट व विशेषज्ञ भी शामिल हैं जो देशभर से आए सुझावों का अध्ययन कर रहे हैं। शीघ्र ही शेष 65 एकड़ की भव्यता के लिए फाइनल स्वरूप सबके सामने आएगा।