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बनारस में नेपाली युवतियों को कैद करने के मामले में भाजपा नेता गिरफ्तार, कई जगहों पर छापेमारी

Wed, 25 Jul 2018 10:38 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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पुलिस की गिरफ्त में आया जय सिंह उर्फ पप्पू - फोटो : अमर उजाला
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नेपाल की युवतियों को वाराणसी में रोजगार का दिलाने का झांसा देकर बंधक बनाने और उनसे जबरन देह व्यापार कराने के आरोप में मंगलवार को पुलिस ने भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व महामंत्री जय सिंह उर्फ पप्पू को गिरफ्तार किया है। जय सिंह के घर से प्रेगनेंसी किट, लेडीज चप्पलें, लेडीज पर्स और लेडीज कपड़े बरामद किए गए हैं।
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इस मामले में वाराणसी पुलिस के साथ ही नेपाल पुलिस को भी अब नेपाल निवासी एजेंट सुंदरी और संदीप महंत उर्फ संदीप वीसी की तलाश है। इस बीच शिवपुर थाना के नटिनियादाई और चांदमारी इलाके में लगातार दूसरे दिन भी पुलिस की छापेमारी जारी रही लेकिन नेपाल की युवतियां और महिलाएं नहीं बरामद हो सकीं।

पढ़ेंः रोजगार के नाम पर लाई गईं 150 नेपाली महिलाएं वाराणसी में ‘कैद’
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नेपाल के गुलरिया थाने में दो युवतियों ने मुकदमा दर्ज कराया है। दोनों युवतियों के अनुसार नेपाल के बर्दिया (मधुवन) की युवतियों और महिलाओं को बनारस में बंधक बनाकर रखा गया है और जबरन देह व्यापार कराया जा रहा है। पुलिस को बताया कि उन्हें भी इस गिरोह ने कैद कर रखा था और किसी तरह से उनके चंगुल से छूट कर अपने घर पहुंची।

दोनों युवतियों की शिकायत पर नेपाल से पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की एक टीम सोमवार को शहर आई और जिला पुलिस के साथ छापामारी की। शिवपुर क्षेत्र के संदिग्धों से पूछताछ में पता लगा कि नवलपुर क्षेत्र की आनंद नगर कॉलोनी निवासी जय सिंह के घर अक्सर नेपाली युवतियां और महिलाएं आती-जाती हैं।

इंस्पेक्टर शिवपुर विजय बहादुर सिंह ने छापेमारी कर जय सिंह को गिरफ्तार किया तो उसने बताया कि सुंदरी और संदीप नेपाली युवतियों को रोजगार और बेहतर जीवन का झांसा देकर बनारस लाकर उसके घर पर रखते थे।

इसके बाद उनसे जबरन देह व्यापार कराया जाता था। इस संबंध में एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि प्रकरण की विवेचना जारी है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगाई गई हैं।

उम्र के अनुसार लगाते थे अलग-अलग काम में

नेपाल से बनारस लाई गईं युवतियों और महिलाओं की उम्र के अनुसार उन्हें अलग-अलग काम में लगाया जाता था। युवतियों का रूप-रंग देखकर उनसे जबरन देह व्यापार कराया जाता था। वहीं, कुछ महिलाओं को घरेलू कामकाज में लगाया जाता था। 

पढ़ेंः ‘कैद’ महिलाओं की तलाश में बनारस पहुंची नेपाल के अधिकारियों की टीम

इसके साथ ही एजेंट और उनके लोग घरों में काम करने वाली नेपाली महिलाओं की गतिविधियों पर नजर रखते थे और धमकाते थे कि अगर कहीं मुंह खोला तो चोरी जैसे आरोपों में फंसा कर जेल भिजवा देंगे।

नेपाल से लाई गईं सारी महिलाएं बर्दिया (मधुवन) की रहने वाली हैं। वह दलालों के माध्यम से भारत पहुंची हैं। यहां लाने के बाद उन्हें एक अज्ञात मकान में बंधक बना लिया गया।
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रोजगार का झांसा देकर ऐंठ लेते थे रुपये भी

पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि नेपाली युवतियों और महिलाओं को रोजगार दिलाने का झांसा संदीप और सुंदरी देते थे। दोनों नेपाली भाषा में ही युवतियों और महिलाओं से बातचीत कर उन्हें रोजगार दिलाने का वादा कर नेपाल से सोनौली लाते थे। इसके बाद सोनौली से बस से बनारस लाते थे।

रोजगार दिलाने के नाम पर 50 हजार से डेढ़ लाख रुपये एडवांस लिया जाता था। इसके बाद शहर आने पर उनके नाम और पते से संबंधित कागजात छीन लिया जाता था। देह व्यापार से इंकार करने पर नेपाली युवतियों और महिलाओं के साथ मारपीट भी की जाती थी।

साथ ही, सभी की निगरानी के लिए हट्टेकट्टे बाउंसर रखे गए थे। हालांकि, कितनी युवतियां और महिलाएं नेपाल से बनारस लाई गईं और वो फिलहाल कहां हैं, इसका खुलासा तभी होगा जब सुंदरी और संदीप गिरफ्तार होंगे।
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