घर पर ही पानी में तिल डालकर नहाएं।
चावल बनाकर पितरों को धूप दें।
सुबह पीपल के पेड़ पर जल और कच्चा दूध चढ़ाएं।
पितरों की तृप्ति के लिए संकल्प लेकर अन्न और जल का दान करें।
ब्राह्मण भोजन करवाएं या किसी मंदिर में 1 व्यक्ति के जितना भोजन दान करें।
भोजन में सबसे पहले गाय फिर कुत्ते और फिर कौवे और इसके बाद चीटियों के लिए हिस्सा निकालें।