वाराणसी नगर निगम और विकास प्राधिकरण के अधिकारी भू-माफिया के खिलाफ प्रशासन को रिपोर्ट नहीं दे रहे हैं। सदर तहसील के 16 बडे़ भू-माफिया के खिलाफ एसडीएम सदर ने वीडीए और नगर निगम से रिपोर्ट मांगी थी कि उनकी कौन-कौन सी संपत्ति पर कब्जा है।
महीने भर बाद भी दोनों विभागों ने कोई रिपोर्ट नहीं दी है। सूत्रों की मानें तो कुछ अधिकारी भू-माफिया के प्रभाव में हैं और उन्हें बचाने की कोशिश कर रहे हैं। नगर निगम और वीडीए ने तो प्रशासन को सूची तक नहीं सौंपी। लिहाजा, एसडीएम सदर ने भी आधी-अधूरी जानकारी के आधार पर डीएम को रिपोर्ट सौंप दी है।
सदर तहसील की ओर से तीन दिन पूर्व डीएम योगेश्वर राम मिश्रा को भेजी गई रिपोर्ट में कुछ बदलाव किए गए हैं। 16 भू-माफिया की रिपोर्ट में पूर्व बसपा नेता अमीरचंद पटेल के बारे लिखा गया है कि उनके द्वारा सरकारी जमीन पर कोई अवैध कब्जा नहीं पाया गया है।
औढ़े निवासी संजय सिंह के बारे में रिपोर्ट दी गई है कि उनके कब्जे वाली 0.201 हेक्टेयर जमीन से अतिक्रमण हटवाया जा चुका है। अगर अन्य विभागों से अमीरचंद पटेल और संजय सिंह के खिलाफ कोई रिपोर्ट नहीं आती है तो इन दोनों के नाम भू-माफिया की सूची से हटाए जा सकते हैं।
पूर्व में जारी सूची में बसपा नेता का नाम दूसरे नंबर पर था।