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भूमि सत्यापन के नाम पर चहेतों को बख्शने की जुगत में बनारस के ये अधिकारी

Sat, 02 Sep 2017 06:35 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
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वाराणसी नगर निगम - फोटो : अमर उजाला
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वाराणसी नगर निगम और विकास प्राधिकरण के अधिकारी भू-माफिया के खिलाफ प्रशासन को रिपोर्ट नहीं दे रहे हैं। सदर तहसील के 16 बडे़ भू-माफिया के खिलाफ एसडीएम सदर ने वीडीए और नगर निगम से रिपोर्ट मांगी थी कि उनकी कौन-कौन सी संपत्ति पर कब्जा है।
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महीने भर बाद भी दोनों विभागों ने कोई रिपोर्ट नहीं दी है। सूत्रों की मानें तो कुछ अधिकारी भू-माफिया के प्रभाव में हैं और उन्हें बचाने की कोशिश कर रहे हैं। नगर निगम और वीडीए ने तो प्रशासन को सूची तक नहीं सौंपी। लिहाजा, एसडीएम सदर ने भी आधी-अधूरी जानकारी के आधार पर डीएम को रिपोर्ट सौंप दी है।

सदर तहसील की ओर से तीन दिन पूर्व डीएम योगेश्वर राम मिश्रा को भेजी गई रिपोर्ट में कुछ बदलाव किए गए हैं। 16 भू-माफिया की रिपोर्ट में पूर्व बसपा नेता अमीरचंद पटेल के बारे लिखा गया है कि उनके द्वारा सरकारी जमीन पर कोई अवैध कब्जा नहीं पाया गया है।
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औढ़े निवासी संजय सिंह के बारे में रिपोर्ट दी गई है कि उनके कब्जे वाली 0.201 हेक्टेयर जमीन से अतिक्रमण हटवाया जा चुका है। अगर अन्य विभागों से अमीरचंद पटेल और संजय सिंह के खिलाफ कोई रिपोर्ट नहीं आती है तो इन दोनों के नाम भू-माफिया की सूची से हटाए जा सकते हैं।
पूर्व में जारी सूची में बसपा नेता का नाम दूसरे नंबर पर था।
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मुख्यमंत्री ने भूमाफिया के खिलाफ दिखाये थे सख्त तेवर

काशी दौरे पर आए सीएम - फोटो : अमर उजाला
सूची में शामिल अन्य भू-माफिया के नाम और कब्जे की जमीन में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सूत्रों की मानें तो कुछ लोगों ने न्यायालय से स्थगन आदेश भी लिया है। 
उल्लेखनीय यह है कि पिछले दिनों मुख्यमंत्री ने भू-माफिया के खिलाफ सख्त तेवर दिखाए थे। काशी दौरे पर आए सीएम ने अफसरों को प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।

सीएम के कड़े तेवर के बाद भी कुछ अफसर शहर के  तथाकथित प्रभावशाली लोगों को सूची से बाहर निकालने का रास्ता तलाश रहे हैं। इसी वजह से भू-माफिया की अंतिम सूची जारी होने में विलंब हो रहा है। 
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