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Premchand jayanti: कथा सम्राट के गांव लमही में जीवंत होंगी नवाब राय से मुंशी प्रेमचंद तक का कथा शिल्प

Wed, 24 Apr 2024 08:55 AM IST
Anonymous User अमर उजाला, न्यूज डेस्क, वाराणसी

सार

नवाब राय से मुंशी प्रेमचंद की जीवनयात्रा का कथाशिल्प स्मृति भवन में जीवंत किया जाएगा। वीडीए और संस्कृति विभाग ने इसकी पूरी रूपरेखा तैयार कर ली है। मुंशी प्रेमचंद के परिजनों के प्रतिनिधि से संस्कृति विभाग लगातार संपर्क में है। 
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मुंशी प्रेमचंद का गांव लमही में बना प्रवेश द्वार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वाराणसी के लमही स्थित कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद के मकान को जल्द ही नया स्वरूप देने की योजना है। कथा सम्राट के मकान को स्मृति भवन की परिकल्पना के रूप में विकसित किया जाएगा। मंडलायुक्त की पहल के बाद संस्कृति विभाग ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं। मकान पर कथा सम्राट के परिजनों का मालिकाना हक होने के कारण उनकी सहमति का इंतजार किया जा रहा है।

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इसके लिए वीडीए और संस्कृति विभाग लगातार परिजनों के संपर्क में हैं। लमही में मुंशी जी ने जिस घर में अपनी कालजयी रचनाएं गढ़ीं। उसको स्मृति भवन का स्वरूप दिया जाएगा। नवाब राय से मुंशी प्रेमचंद की जीवनयात्रा का कथाशिल्प स्मृति भवन में जीवंत किया जाएगा।

वीडीए और संस्कृति विभाग ने इसकी पूरी रूपरेखा तैयार कर ली है। मुंशी प्रेमचंद के परिजनों के प्रतिनिधि से संस्कृति विभाग लगातार संपर्क में है। जैसे ही उनकी सहमति मिलेगी स्मृति भवन का कार्य आगे बढ़ जाएगा। मुंशी प्रेमचंद की 125वीं जयंती पर आयोजित समारोह के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के आदेश और परिजनों की सहमति ने मकान का जीर्णोद्धार कराया गया था।

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सामने की जमीन पर बनेगा मल्टीपरपज हाल

मुंशी प्रेमचंद। फाइल - फोटो : अमर उजाला।
मुंशी प्रेमचंद के मकान को जब स्मृति संग्रहालय के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया शुरू हुई तो अधिकारियों को पता चला कि इसका मालिकाना हक मुंशी प्रेमचंद के परिजनों के पास आज भी है। ऐसे में मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल के निर्देश पर वीडीए उपाध्यक्ष और क्षेत्रीय सांस्कृतिक अधिकारी परिजनों के संपर्क में बने हुए हैं। जैसे ही परिजनों की सहमति मिलेगी इस पर कार्य आगे बढ़ जाएगा।

क्षेत्रीय सांस्कृतिक अधिकारी डॉ. सुभाष चंद्र यादव ने बताया कि मुंशी प्रेमचंद के भवन को स्मृति संग्रहालय विकसित करने की प्रक्रिया के दौरान यह बात सामने आई कि भवन का मालिकाना हक परिजनों के पास है। उनकी सहमति के बाद इस दिशा में आगे कार्य बढ़ाया जाएगा, इसके लिए मंडलायुक्त के निर्देश पर लगातार बातचीत जारी है। सहमति मिलते ही इसका प्रस्ताव तैयार करके शासन को भेज दिया जाएगा।
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मुंशी प्रेमचंद के मकान के सामने की जमीन पर संस्कृति विभाग मल्टीपरपज हॉल का निर्माण करवाएगा। जमीन का विवाद पिछले साल ही हल हो गया था और यह जमीन वापस संस्कृति विभाग के पास आ गई है। इसकी कार्ययोजना तैयार कर ली है। मल्टीपरपज हाल का निर्माण होने के बाद यहां पर सांस्कृतिक आयोजन कराए जा सकेंगे।
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