मुंशी प्रेमचंद के मकान को जब स्मृति संग्रहालय के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया शुरू हुई तो अधिकारियों को पता चला कि इसका मालिकाना हक मुंशी प्रेमचंद के परिजनों के पास आज भी है। ऐसे में मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल के निर्देश पर वीडीए उपाध्यक्ष और क्षेत्रीय सांस्कृतिक अधिकारी परिजनों के संपर्क में बने हुए हैं। जैसे ही परिजनों की सहमति मिलेगी इस पर कार्य आगे बढ़ जाएगा।
क्षेत्रीय सांस्कृतिक अधिकारी डॉ. सुभाष चंद्र यादव ने बताया कि मुंशी प्रेमचंद के भवन को स्मृति संग्रहालय विकसित करने की प्रक्रिया के दौरान यह बात सामने आई कि भवन का मालिकाना हक परिजनों के पास है। उनकी सहमति के बाद इस दिशा में आगे कार्य बढ़ाया जाएगा, इसके लिए मंडलायुक्त के निर्देश पर लगातार बातचीत जारी है। सहमति मिलते ही इसका प्रस्ताव तैयार करके शासन को भेज दिया जाएगा।
मुंशी प्रेमचंद के मकान के सामने की जमीन पर संस्कृति विभाग मल्टीपरपज हॉल का निर्माण करवाएगा। जमीन का विवाद पिछले साल ही हल हो गया था और यह जमीन वापस संस्कृति विभाग के पास आ गई है। इसकी कार्ययोजना तैयार कर ली है। मल्टीपरपज हाल का निर्माण होने के बाद यहां पर सांस्कृतिक आयोजन कराए जा सकेंगे।