मान्यता है कि हनुमानजी ने भी काशी में घाट का निर्माण कराया था जिसे हनुमान घाट के नाम से जाना जाता है। आनंद रामायण के 37वें और 38वें श्लोक में भगवान राम के कार्तिक मास में काशी यात्रा का वर्णन है। प्रभु श्रीराम ने यात्रा के दौरान पत्थरों से एक घाट का निर्माण कराया था जिसे आज रामघाट के नाम से जाना जाता है।
भगवान राम ने काशी में रघुनाथेश्वर शिवलिंग और रामेश्वर में रामेश्वर महादेव की स्थापना की थी। भगवान रामेश्वर के दक्षिण में लंका क्षेत्र है और उत्तर में भगवान रघुनाथेश्वर हैं। उसके उत्तर पूर्व रामघाट भगवान रामेश्वर तक भगवान राम के पूर्वजों द्वारा शिवलिंग और बाली, सुग्रीव, हनुमान जी और गुरु वशिष्ठ जी द्वारा स्थापित शिवलिंग है। रघुनाथ द्वारा स्थापित रघुनाथेश्वर लिंग के स्पर्श करने से ब्रह्मघाती मनुष्य भी तुरंत ही शुद्ध हो जाता है।