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UP: जब तक सैंपल की रिपोर्ट आएगी तब तक बिक जाएगी लाखों की मिठाई, दुकान की आड़ में मिलावट का खेल

Sun, 19 Oct 2025 06:11 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, बलिया।

सार

विभाग द्वारा निगरानी न करने के कारण मिलावट खोर मिलावटी मिठाइयों को बाजार में खपा रहे हैं। कार्रवाई के नाम पर विभाग सिर्फ सैंपल लेने तक ही सीमित है। जिसका फायदा मिलावट खोर उठाकर लोगों की सेहत के दुश्मन बने हुए हैं।
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मिठाई की जांच के लिए सैंपल लेते हुए। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Diwali 2025: दीपावली त्योहार पर मिलावटी मिठाई बाजार में खुलेआम बिक रही है। दुकान के नाम पर आबादी के बीच चोरी छिपे मिठाई बनाने की फैक्ट्री चल रही हैं। मिलावटी मिठाई तैयार कर दुकान व बाजार में सप्लाई की जाती है। विभाग सबकुछ जानने के बावजूद इन पर नकेल नहीं कस पा रहा है। खाद्य सुरक्षा विभाग त्योहार को लेकर अलर्ट है। 

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पिछले आठ दिन में 63 से अधिक मिठाई दुकानों की जांच कर 48 सैम्पल जांच के लिए लिए हैं। सभी सैंपल जांच को भेजा गया है। इनकी रिपोर्ट दो से तीन माह में आ जाएगी। तब तक मिठाइयां बिक जाएगी। जांच के दौरान खाद्य सुरक्षा टीम ने फंगल लगी मिठाइयां व 56 किलो से ऊपर खोवा, छेना और 42 किलो पनीर, 24 किलो लड्डू नष्ट कर चुका है। विभाग लगातार कार्रवाई कर सैंपलिंग कर रहा है और दुकानों को मिलावटी खाद्य पदार्थ न बेचने को जागरूक कर रहा है।

शहर से लेकर कस्बा तक अवैध रूप से संचालित मिठाई फैक्ट्री तक खाद्य सुरक्षा विभाग नहीं पहुंच पा रही है। बिहार व गाजीपुर से ख़ोवा, छेना व पनीर की बड़ी खेप पहुंच रही है। एक दुकानदार ने बताया कि दिल्ली से सूखी मिठाइयां एसी बसों से आ रहा है।

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काजू कतरी में मूंगफली व चांदी की जगह एल्मुनियम का लगा रहे वर्क
बाजार में 12 सौ से दो हजार रुपये में बिकने वाली काजू कतरी का वजन बढ़ाने के लिए मिलावट खोर मूंगफली व चीनी मिला रहे हैं। महंगी मिठाइयों में चांदी का वर्क की जगह ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए एल्मुनियम की वर्क लगा कर बेच रहे हैं। 

खाद्य सुरक्षा विभाग की सजगता के बावजूद स्टेशन के सामने, बैरिया कस्बा सहित अन्य बाजारों व चट्टी चौराहों पर सेहत को नुकसान करने वाली मिठाइयां खुलेआम बिक्री हो रही है। 250 से 400 रुपये किलो बिकने वाले मिल्क केक में सूजी, मिल्क पाउडर, रिफाइंड सोयाबीन तेल, लिक्विड ग्लूकोज और फिटकरी मिलाकर यह मिठाई तैयार की जा रही है।

खाद्य सुरक्षा टीम द्वारा लगातार अभियान चलाकर खाद्य पदार्थ व मिठाइयों की जांच पड़ताल की जा रही है। जांच के लिए सैंपल लिया जा रहा है। फंगल या मिलावट मिलने पर उसे नष्ट किया जाता है। टीमों द्वारा आठ दिनों में 48 से अधिक सैंपल लिया गया है। बाजार में बिकने वाली चमकदार मिठाइयां खरीदने से बचें। - डॉ. वेद प्रकाश मिश्र, खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन सहायक आयुक्त -2
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