गौरतलब है कि गंगा घाटों पर गंगा आरती के लिए आयोजकों से सालाना और गंगा घाटों पर परंपरागत तरीके से पूजा पाठ कराने, धार्मिक कार्य एवं कर्मकांड कराने वाले तीर्थ पुरोहित और ब्राह्मïणों से नगर निगम द्वारा शुल्क लिए जाने की घोषणा की गई थी। इसका संज्ञान लेते हुए राज्य मंत्री ने कमिश्नर दीपक अग्रवाल एवं नगर आयुक्त गौरांग राठी से फोन पर बातचीत कर इसे अव्यवहारिक बताते हुए इस पर तत्काल रोक लगाए जाने को कहा है।
मंत्री ने कहा कि काशी एक धार्मिक नगरी है, पूरी दुनिया से लोग यहां पर आकर गंगा के घाटों पर पूजन पाठ एवं धार्मिक कार्य के साथ-साथ कर्मकांड कराते हैं। ऐसी स्थिति में पंडो से शुल्क लिया जाना कतई व्यवहारिक नहीं है।