स्वास्थ्य के क्षेत्र में गुजरता साल कई बड़ी उपलब्धियां जोड़ गया। सबसे अधिक सौगातें पूर्वांचल का ‘एम्स’ कहे जाने वाले बीएचयू के हिस्से आईं तो वहीं मंडलीय अस्पताल, जिला अस्पताल और महिला अस्पताल में भी सुविधा और संसाधनों में वृद्धि से मरीजों को राहत हुई।
नए साल में बीएचयू में बनने वाले कैंसर हॉस्पिटल, शताब्दी सुपर स्पेशियलिटी सेंटर के अलावा ईएसआई हॉस्पिटल के निर्माण की योजनाएं परवान चढ़ेंगी। साथ ही, उम्मीदें इसकी भी हैं कि जन स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों से शहर से गांवों तक हालात बदलेंगे।
गुजरते साल के आखिरी महीने में बीएचयू को दो बड़ी सौगातें मिलीं। पहला अत्याधुनिक कैंसर हास्पिटल और दूसरा शताब्दी सुपरस्पेशियलिटी सेंटर का। इससे पहले 60 बेड वाला इमरजेंसी ब्लॉक चालू हुआ।
कैंसर, हृदय रोग जैसी जटिल बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को आधे से भी कम कीमत पर दवाएं देने के लिए ‘अमृत फार्मेसी’ शुरू हुई। हालांकि इमरजेंसी में सात मई को हुए ब्लॉस्ट का दर्द भी मिला।
घटना में एक की जान गई थी, 28 लोग घायल हुए थे। उधर दीनदयाल, मंडलीय और महिला अस्पताल में भी दवा-पर्चा काउंटर, जांच, ओपीडी सहित अन्य सुविधाओं में इजाफा हुआ।
हालांकि चिकित्सा कर्मियों की लापरवाही, संसाधनों की कमी, संसाधनों का समुचित उपयोग न होना ऐसे कारण रहे, जिनसे मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।