काशी और फ्रांस के बीच शिल्प और व्यापार का वर्षों पुराना नाता रहा है। फ्रांस के राष्ट्रपति का काशी आना, इस रिश्ते को और मजबूती प्रदान करेगा। इतना ही नहीं, फ्रांस के रास्ते यूरोप में काशी को एक बड़ा बाजार भी मिलने की उम्मीद जगी है। साथ ही, यहां से होने वाले उत्पादों का निर्यात भी बढे़गा।
काशी को शिल्प व बुनकरी से जुड़े विशेष पैकेज की घोषणा भी राष्ट्रपति कर सकते हैं। फ्रांस और बनारस के बीच बुनकरी का पुराना रिश्ता है। फ्रांस के मोनोग्राम, एंबलम बड़े पैमाने पर काशी से बनकर जाते रहे हैं। यही नहीं, बैच और कैप के ऊपर होने वाली कढ़ाई के लिए भी काशी के बुनकर ही रास आते रहे हैं।
इन सामानों के लिए बनारस बड़ा बाजार रहा है। इसके अलावा जर्मनी, कनाडा और दुनिया के अन्य देशों में भी ऐसे उत्पाद भेजे जाते रहे हैं। काशी के लिए फ्रांस सहित यूरोप के अन्य देश स्कार्फ, स्टॉल, बेड और कुशन कवर, पर्दे के कपड़ों के अच्छे बाजार हैं।
यहां इन सामानों को नियमित रूप से भेजा जाता है। ऐसे में फ्रांस के राष्ट्रपति का काशी आगमन इन रिश्तों को और प्रगाढ़ बनाएगा। फ्रांस सहित यूरोप के अन्य बड़े बाजार में काशी के शिल्प की पैठ गहरी होगी। इसको लेकर बुनकर और शिल्पी दोनों आशान्वित हैं। काशी के लिए विशेष पैकेज मिलने की भी उम्मीद है।