नगर निगम प्रशासन पूरी तरह रहा नाकाम, सांड़ों से हलाकान रही फोर्स
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प्रधानमंत्री मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति के शहर आगमन के दौरान भी वाराणसी नगर निगम प्रशासन नहीं चेता। हालत यह रही कि दोनों राजनेताओं की सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिस, पीएसी और सेंट्रल पैरामिलिट्री फोर्स को सुबह से शाम तक सांड़ों को भगाने के लिए फजीहत करानी पड़ी।
और तो और, मानसरोवर घाट के सामने से बजड़े से प्रधानमंत्री और फ्रांस राष्ट्रपति गुजरने वाले थे और उसके चंद मिनट पहले ही तीन साड़ आपस में उलझ कर उत्पात मचाए हुए थे। मौजूद लोगों ने किसी तरह से तीनों को भगाया तो माहौल सामान्य हुआ।
पीएम मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति के आगमन के मद्देनजर नगर आयुक्त को कमिश्नर और डीएम की ओर से ताकीद की गई थी कि शहर की सड़कों पर छुट्टा पशु न दिखें।
नगर निगम ने इसके लिए कागजी खानापूर्ति वाला अभियान भी चलाया गया लेकिन सोमवार को जगह-जगह सड़कों पर सांड़ घूमते दिखाई दिए। डीरेका गेट के समीप, अस्सी, नई सड़क, गोदौलिया सहित शहर के कुछेक अन्य स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था में तैनात फोर्स साड़ों को हांकती नजर आई।
सड़क पर मोदी-मैक्रों का स्वागत, अंदर सांसत में मरीज
बीएचयू कैंपस में तीन घंटे तक बैरीकेडिंग ने बढ़ाई मरीजों, छात्रों की मुश्किलें
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रो का बीएचयू गेट के बाहर सड़क पर गाजे-बाजे के साथ जोरदार स्वागत किया गया लेकिन अंदर कैंपस में मरीज और उनके परिजन सांसत में रहे। हुआ यह कि बीएचयू प्रशासन ने भी इस बार स्वागत के लिए पूरी तैयारी की थी।
सुबह से ही चीफ प्राक्टर प्रो. रोयाना सिंह के निर्देशन में एक टीम स्वागत के लिए खड़ी थी। बाहर दोनों वीआईपी के आगमन के दौरान किसी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए कैंपस से बाहर आने पर रोक लगा दिया गया था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांसीसी राष्ट्रपति के स्वागत को लेकर इस बार विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी तैयारी की थी। मेन गेट का नजारा बदला-बदला था। यहां मोदी-मैक्रों की तस्वीर के साथ-साथ दोनो देश के झंडे और उसी रंग के गुब्बारे लगाए गए थे और यहां बांस-बल्ली से बैरीकेडिंग की गई थी। सुबह करीब 11.30 बजे ही परिसर में महिला महाविद्यालय चौराहा, मधुबन चौराहा, भारत कला भवन चौराहे के पास लगी बैरीकेडिंग लगाने की सूचना प्रसारित हुई तो सुरक्षा गार्डों ने तत्काल रास्ता बंद कर दिया।
इसके बाद यहां प्राक्टोरियल बोर्ड के सदस्य और गार्ड पहुंचे। उधर अस्पताल परिसर से अंदर से बाहर जाने के रास्ते पर भी सड़क पर बैरीकेडिंग हुई जिससे परेशानी झेलनी पड़ी। बनारस के बाहर से इलाज कराने आए वो लोग जिसे और कोई रास्ता नहीं पता था,उसे तो बाहर निकलने में मुश्किल हुई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मैक्रों के स्वागत में कोई परेशानी न हो इसके लिए मेन गेट को भी बंद कराना पड़ा। सबसे ज्यादा परेशानी तब हुई जब दोपहर 1.30 बजे एक डेडबॉडी को पोस्टमार्टम के लिए ले जा रहे शववाहन को भी रोक दिया गया।
इसके साथ आए पुलिसकर्मियों ने गेट पर तैनात सुरक्षा गार्डों से गेट खोलने को कहा लेकिन वह तैयार नहीं थे। अब इस बॉडी से इतनी महक आ रही थी कि हर कोई परेशान हो गया। तभी बाहर से सुरक्षा में आए एक अधिकारी ने गेट खोलवाकर तत्काल वाहन को अंदर किया तब जाकर बॉडी जा सकी।
रूट डायवर्जन नहीं आया काम, जाम से जूझे लोग
शहर में 13 हजार से ज्यादा फोर्स की तैनाती के बावजूद ध्वस्त रही यातायात व्यवस्था
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प्रधानमंत्री मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति के आगमन पर शहर में की गई रूट डायवर्जन की व्यवस्था और यातायात संबंधी अन्य इंतजाम ध्वस्त नजर आए। दरअसल, जो रूट वीवीआईपी के आवागमन के लिहाज से आरक्षित थे उन पर यातायात सामान्य रहा। मगर, वीवीआईपी रूट से सटे आसपास के इलाकों में पुलिस द्वारा ध्यान न दिए जाने के कारण लोग सुबह से शाम तक जाम से जूझते रहे।
वहीं, वीवीआईपी का काफिला निर्धारित रूट से जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा था पीछे के चौराहे और तिराहे आमजन की जल्दबाजी के कारण जाम की चपेट में आते जा रहे थे। डीरेका से अस्सी, दशाश्वमेध से बेनिया, लहुराबीर, अंधरापुल, नदेसर, कचहरी व पुलिस लाइन चौराहा और डीरेका से लहरतारा, कैंट, कचहरी, भोजूबीर, गिलट बाजार, हरहुआ होते हुए बाबतपुर मार्ग पर सोमवार को रूट डायवर्जन लागू किया गया था।
प्रधानमंत्री मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति का काफिला गुजरने के बाद उक्त मार्गों पर भीषण जाम लगा रहा। वहीं, पुलिस का ध्यान पूरी तरह से प्रधानमंत्री के आयोजन स्थलों और उस ओर जाने वाले मार्ग तक ही रहा इस वजह से चौकाघाट, पांडेयपुर चौराहा, मैदागिन चौराहा, भेलूपुर, कमच्छा, रथयात्रा, सिगरा, मलदहिया, इंग्लिशिया लाइन, अर्दली बाजार सहित शहर के कुछेक अन्य इलाकों में आमजन को जाम से जूझना पड़ा। इस दौरान चौराहों-तिराहों और सड़क के दोनों तरफ खड़े पुलिसकर्मी यातायात प्रबंधन की बजाय मूकदर्शक की भूमिका में नजर आए।