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काशी में नहीं सजेगा नक्कटैया का मेला

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करवाचौथ की रात चेतगंज की नक्कटैया का मेला नहीं सजेगा। कोरोना संक्रमण के कारण 132 सालों में ऐसा पहली बार होगा कि चेतगंज की नक्कटैया स्थगित रहेगी। अंग्रेजों की गुलामी से मुक्ति के लिए जनमानस को प्रेरित करने के उद्देश्य से सन 1888 में बाबा फतेहराम ने चेतगंज की नक्कटैया को भव्य रूप दिया था।
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नक्कटैया के मेले में पूर्वांचल भर से लाग विमानों की झांकी शामिल होती है। सामाजिक सरोकारों से जुड़ी झांकियों को देखने के लिए लोग रात भर इंतजार करते हैं। बनारस के पारंपरिक लक्खा मेलों में शुमार चेतगंज की नक्कटैया को भव्य रूप देने की शुरुआत अंग्रेजों के विरोध से हुई थी। बाबा फतेहराम अंग्रेजों के दमन पर आधारित लाग विमान इस नक्कटैया में शामिल करते थे। खास बात यह थी कि तत्कालीन अंग्रेज कलेक्टर से ही नक्कटैया के जुलूस का उद्घाटन कराते थे। उस परंपरा का निर्वाह अब तक लीला समिति द्वारा किया जा रहा है।
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