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Varanasi Famous Mango: खाड़ी देशों में भेजा जाएगा 10 टन बनारसी लंगड़ा आम, जानें- जीआई उत्पाद का खासियत

Wed, 14 May 2025 03:41 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi Famous Mango: 10 टन बनारसी लंगड़ा आम खाड़ी देशों में भेजा जाएगा। लंगड़ा आम दो साल पहले जीआई उत्पाद में शामिल हुआ। जिसके बाद से इसकी मांग काफी बढ़ गई। 
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बनारसी लंगड़ा आम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जीआई उत्पाद में शामिल बनारसी लंगड़ा आम यूरोपीय और खाड़ी देशों में दस्तक देगा। 10-10 टन बनारसी लंगड़ा आम की खेप यूरोप और खाड़ी देशों में भेजने की तैयारी है। दो साल पहले जीआई उत्पाद में शामिल बनारसी लंगड़ा आम की खेप मई के अंतिम सप्ताह तक बाजार में आ जाएगी। जून के पहले सप्ताह से बनारसी लंगड़ा आम का निर्यात भी शुरू होगा। 

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यूरोपीय और खाड़ी देशों समेत दुनिया भर में बनारसी लंगड़ा आम को पहुंचाने को लेकर जिला प्रशासन स्तर से तैयारियां चल रही हैं। पिछले दिनों सीडीओ हिमांशु नागपाल ने भी जीआई उत्पादों की समीक्षा बैठक में बनारसी लंगड़ा आम को वैश्विक स्तर तक पहुंचाने पर जोर दिया था।जीआई विशेषज्ञ डॉ. रजनीकांत मिश्रा ने बताया कि जिला प्रशासन के इस प्रयास से किसानों का भी मनोबल बढ़ा है। 

ब्रांड बन चुका बनारसी लंगड़ा आम दुनिया भर में छाने लगा है। इसकी ब्रांडिंग और मार्केटिंग पर जिला प्रशासन का जोर है। इसका सीधा लाभ यहां के उत्पादकों को मिलेगा। बनारसी लंगड़ा आम को कार्टन में जीआई टैग के साथ भेजा जाना है। इसके लिए काशी के अधिकृत जीआई उत्पादकों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। 

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वाराणसी के साथ ही चंदौली, मिर्जापुर, भदोही, जौनपुर, गाजीपुर व बलिया जिलों के लंगड़ा आम भी इस श्रेणी में शामिल हैं। जीआई टैग मिलने की वजह से इसका कोई नकल नहीं कर पाता है। पहले लखनऊ समेत अन्य शहरों के आम को भी बनारसी लंगड़ा आम कहकर बाजार में बेच दिया जाता था।

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मधुमेह रोगियों को नुकसान नहीं करता लंगड़ा आम
डॉ. रजनीकांत ने बताया कि बनारसी लंगड़ा आम की खासियत यह है कि इसका छिलका काफी पतला और गुठली छोटी होती है। पकने के बाद भी हल्का हरापन और सफेदी लेकर रहता है। इसमें शुगर की मात्रा बेहद कम होती है, जिसे मधुमेह के रोगी भी खा सकते हैं। यह सुपाच्य होता है। इसकी सुगंध बहुत अच्छी होती है। गंगा किनारे मिट्टी, पानी और जलवायु के कारण खास पहचान रखता है।

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