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Varanasi Ganga Level: बनारस में बाढ़, लाल निशान के पास पहुंची गंगा, घाटों को डूबोकर शहर में घुसा पानी

Sat, 27 Aug 2022 07:28 AM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

वाराणसी में गंगा अपने रौद्र रूप में हैं। गंगा ने गुरुवार को दोपहर एक बजे ही चेतावनी बिंदु (70.26 मीटर) को पार कर लिया था। केंद्रीय जल आयोग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार गंगा का जलस्तर सुबह आठ बजे 70.86 मीटर पर पहुंच गया। गंगा अब खतरे के निशान 71.26 मीटर से 40 सेंटीमीटर नीचे है।
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वाराणसी में गंगा का बढ़ता जलस्तर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वाराणसी में गंगा का जलस्तर अब तेजी से लाल निशान की ओर बढ़ रहा है। केंद्रीय जल आयोग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार गंगा का जलस्तर सुबह आठ बजे 70.86 मीटर पर पहुंच गया। गंगा अब खतरे के निशान 71.26 मीटर से 40 सेंटीमीटर नीचे है।

Varanasi Ganga Water Level UPDATES: 

  •  बाढ़ के कारण अस्थाई शिविर में रह रहे परिवार

  • लोकल टीम बनाकर फंसे लोगों की सुरक्षा को लेकर दिया निर्देश

  •  बाढ़ ग्रस्त इलाकों का पुलिस अधिकारियों ने लिया जायजा

  • लाल निशान से महज 40 सेंटीमीटर नीचे बह रही गंगा 

  • घाटों को डूबोकर सड़क पर लहराता पानी शहरी आबादी में घुसा

  • गंगा व वरुणा से सटे निचले इलाके पानी से घिरे 

  • बढ़ाव प्रतिघंटे तीन सेंटीमीटर, अगले 24 घंटे महत्वपूर्ण 

  • सुबह आठ बजे जलस्तर 70.86 मीटर दर्ज

 गंगा ने गुरुवार को दोपहर एक बजे ही चेतावनी बिंदु (70.26 मीटर) को पार कर लिया था। रात आठ बजे गंगा का जलस्तर लाल निशान से महज 76 सेंटीमीटर दूर था। वहीं, तेज रफ्तार से बढ़ता जलस्तर गंगा घाटों को पूरी तरह जलसमाधि देकर अब शहरी आबादी की ओर घुसने लगा है। 
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गंगा का रौद्र रूप - फोटो : अमर उजाला
अस्सी से नगवां जाने वाले मार्ग पर गंगा का पानी चढ़ने के कारण संपर्क समाप्त हो गया है। गंगा से सटे निचले इलाके पानी से घिर चुके हैं। साथ ही नालों के रास्ते पानी आगे बढ़ते हुए नए क्षेत्रों पर कब्जा करने को आतुर है। गंगा के तीव्र वेग संग तेज बढ़ोत्तरी से लोग डरने लगे हैं। गंगा के कारण वरुणा में तेज पलट प्रवाह से वहां की बड़ी आबादी परेशानियों में घिर गयी है।

जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी का असर गंगा घाट से सटे सड़कों पर भी दिखने लगा है। पानी सड़क और गलियों के रास्ते शहरी आबादी में घुसने लगा है।  दशाश्वमेध घाट (शीतला मंदिर लगायत) पर गंगा का पानी सीढ़ियों को जलसमाधि देते हुए सायं करीब छह बजे सड़क तक पहुंच गया है। अस्सी घाट पर पानी पहले ही सड़क पर भर चुका था। बाढ़ का नजारा देखने के लिए तमाशबीनों की भीड़ को पुलिस लगातार खदेड़ती रही।
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भोलेनाथ की नगरी वाराणसी में भी गंगा रौद्र रूप में है। गंगा में पिछले चार दिन से जारी उफान सोमवार थमा - फोटो : अमर उजाला
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार जलस्तर में फिलहाल कमी संभव ही नहीं है, क्योंकि गंगा और उसकी सहायक नदियों में लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। इसकी वजह से कभी तेज तो कभी मध्यम रफ्तार से गंगा के जलस्तर में बढ़ाव दर्ज की गयी है जो अपने वास्तविक स्तर से बहुत ज्यादा है। जलस्तर में बढ़ाव के लिए शुक्रवार का दिन महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
चूंकि बांधों से बड़ी मात्रा में जलराशि छोड़ा जा रहा है जो गंगा के प्रवाह पथ में प्रयागराज होते हुए काशी पहुंचेगा और इससे जलस्तर बढ़कर शहर की घनी आबादी में घुस जाएगा। 

आंकड़ों में जलस्तर
आयोग की रिपोर्ट के अनुसार बृहस्पतिवार को सुबह से दोपहर तक जलस्तर तेजी से बढ़ा। सुबह आठ बजे दर्ज 70.02 मीटर जलस्तर ने प्रतिघंटे 5.5 सेंटीमीटर की रफ्तार पकड़ते हुए मध्याह्न 12 बजे 70.24 मीटर का आंकड़ा दर्शाया। इसके बाद रफ्तार आधा हो गया और अपराह्न तीन बजे जलस्तर 70.32 मीटर पर पहुंचा। एक बार फिर बढ़ाव की रफ्तार बदली और हर घंटे चार सेंटीमीटर की गति पकड़ते हुए जलस्तर सायं छह बजे 70.44 मीटर पर जा पहुंची। इसके अगले ही घंटे रफ्तार कुछ कमजोर होते हुए तीन सेंटीमीटर की गति के साथ जलस्तर सायं सात बजे 70.47 मीटर और रात आठ बजे 70.50 मीटर दर्ज हुआ।
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