बर्थरा कलां गांव में मंगलवार को भैंस व्यापारी चौहारजा यादव (50) को मिट्टी भरे डंपर ने कुचल दिया। इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क पर शव रख कर शाम करीब साढ़े चार बजे चौबेपुर-बलुआ मार्ग पर जाम लगा दिया। उनकी मांग थी कि डीएम को बुलाकर पीड़ित परिवार को 20 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस की मिलीभगत से क्षेत्र में अवैध खनन होता है। इसमें लगे वाहन तेज रफ्तार से चलते हैं, जिससे आए दिन हादसे होते हैं। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाया तो लगभग दो घंटे बाद 6:30 बजे जाम खत्म हुआ और शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
चौबेपुर थाना अंतर्गत सरैया ऊकथी गांव निवासी चौहारजा भैंस खरीदने साइकिल से भगतुआ गए थे। वापसी के दौरान बर्थरा कलां गांव के पास बलुआ घाट की ओर से आए डंपर ने उन्हें कुचल दिया। हादसे के बाद चालक ने थोड़ी दूर जाकर डंपर खड़ा कर दिया और भाग निकला। पुलिस डंपर कब्जे में लेकर चालक की तलाश कर रही है।
जंसा थाना के कतवारूपुर गांव के पास सोमवार रात प्रयागराज के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पीके सिंह की कार को तेज रफ्तार टेलर ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि कार 10 फुट गहरे नाले में चली गई। हादसे में चालक सुनील कुमार यादव बाल-बाल बचा। कपसेठी थाना के अर्जुनपुर गांव निवासी सुनील ने बताया कि वह सीएमओ के परिवार को छोड़ने वाराणसी गया था। वापसी के दौरान कतवारूपुर गांव के पास तेज रफ्तार टेलर ने कार को टक्कर मार दी। संवाद
नगईपुर गांव के सामने मंगलवार को ट्रेन की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने पर जंसा पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी। पुलिस के अनुसार, उसकी उम्र लगभग 50 वर्ष है। शर्ट, पैंट और जैकेट की जेब खंगाली गईं, लेकिन ऐसा कोई कागज नहीं मिला जिससे शिनाख्त हो सके। संवाद