सोनभद्र के घोरावल कोतवाली क्षेत्र के उभ्भा गांव में भूमि विवाद को लेकर गत जुलाई माह में खूनी संघर्ष की गाज तत्कालीन समय में तैनात रहे पुलिसकर्मियों पर गिरनी शुरू हो गई है। फिलहाल चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ तीस-तीस दिन के वेतन को अर्थदंड के रूप में तय कर उसे जमा करने के लिए नोटिस भेजा गया है। एक और पुलिसकर्मी के खिलाफ इसकी कार्रवाई चल रही है।
बताते चलें कि गत 17 जुलाई को उभ्भा गांव में जमीन पर कब्जे को लेकर दो पक्षों में हुए खूनी संघर्ष में दस लोगों की मौके पर और एक की इलाज के दौरान मौत हो गई थी, जबकि दोनों पक्षों से तीस से अधिक लोग घायल हुए थे। शासन के निर्देश पर इसमें तत्कालीन क्षेत्राधिकारी अभिषेक सिंह, घोरावल थाना प्रभारी अरविंद मिश्र और एसडीएम को निलंबित कर दिया गया था।
इसके बाद लखनऊ में तत्कालीन एएसपी सहित 28 के खिलाफ हजरतगंज कोतवाली में मामला दर्ज कराकर जांच एसआईटी को सौंप दी गई। एसआईटी की जांच रिपोर्ट के बाद आरोपी पाए गए लोगों के खिलाफ विभागीय तौर पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस अधीक्षक आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि एसआईटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ तीस-तीस दिन के वेतन को अर्थदंड के रूप में तय कर वसूली के लिए नोटिस भेज दिया गया है। एक और पुलिसकर्मी के खिलाफ अर्थदंड तय करने की प्रक्रिया चल रही है।