ज्ञानवापी के वजूखाने में गंदगी करने और नेताओं की बयानबाजी को लेकर दाखिल वाद में मंगलवार को एसीजेएम पंचम/एमपी-एमएलए कोर्ट उज्ज्वल उपाध्याय की कोर्ट ने चौक थाने से आख्या तलब की है और सुनवाई की अगली तारीख 6 दिसंबर को तय की गई है। इस मामले में अदालत ने 156-3 के तहत दाखिल वाद को सुनवाई योग्य पोषणीय पाया था और मुकदमा दर्ज करने के मुद्दे पर सुनवाई की तारीख 29 नवंबर यानि आज के लिए नियत कर दी थी।
गौरतलब है कि वरिष्ठ अधिवक्ता हरिशंकर पांडेय ने कोर्ट में अधिवक्ता आरपी शुक्ल,अजय प्रताप सिंह, घनश्याम मिश्र के जरिये कोर्ट में प्रार्थनापत्र देकर आरोप लगाया था कि ज्ञानवापी परिसर में नमाजियों की ओर से वजूखाने में हाथ-पैर धोए जाते हैं और गंदगी फैलाई जाती है। जबकि वह स्थान हमारे अराध्य भगवान शिव का स्थान है। यह हिंदू समाज के लिए अपमानजनक है।
इसके साथ ही सर्वे में मिले शिवलिंग को लेकर एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव आदि ने ज्ञानवापी प्रकरण पर बयान देकर हिंदुओं की भावनाओं पर कुठाराघात किया है। अधिवक्ता ने इस मामले में ज्ञानवापी मस्जिद के अंजुमन इंतजामिया कमेटी के अध्यक्ष मौलाना अब्दुल, मुफ्ती-ए-बनारस मौलाना अब्दुल बातिन नोमानी, कमेटी के संयुक्त सचिव सैय्यद मोहम्मद यासीन और बयान देने वाले नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना कराए जाने की मांग की है।
आपत्ति दाखिल करने के लिए अंतिम अवसर
सिविल जज सीनियर डिवीजन फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट महेंद्र कुमार पांडेय की अदालत में हिन्दू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता व अजीत सिंह की तरफ से ज्ञानवापी मामले में दाखिल वाद में विपक्षी पक्षकारों को आपत्ति दाखिल करने के लिये अंतिम अवसर देते हुए सुनवाई की अगली तारीख दो दिसम्बर नियत कर दी।