वाराणसी जिले में पार्षदों व नगर आयुक्त के बीच कहासुनी का मामला पीएमओ तक पहुंच गया है। पार्षदों ने सीवर और पेयजल की समस्या को लेकर नगर आयुक्त कार्यलय पर हंगामा किया था। मामले को लेकर डीएम ने चुनिंदा पार्षदों को बुलाकर बातचीत की।
भाजपा पार्षदों और नगर आयुक्त के बीच हुई कहासुनी का मामला पीएमओ तक पहुंच गया है। जिलाधिकारी एस राजलिंगम ने बुधवार की देर रात घटना में शामिल चुनिंदा पार्षदों को बुलाया और बंद कमरे में बातचीत की। इस दौरान जलकल के महाप्रबंधक विजय नारायण मौर्य और सचिव ओपी सिंह को जिलाधिकारी ने लताड़ लगाई।
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जिलाधिकारी ने जलकल के अधिकारियों से कहा कि जन समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर करें। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बारिश आ गई है ऐसी स्थिति में आप लोग पार्षदों की समस्याओं को सुनें और उसका निस्तारण कराएं। जहां जरूरत हो पार्षदों से संवाद स्थापित करें। मुलाकात करने वाले भाजपा पार्षदों में अक्षयवर सिंह, इंद्रेश सिंह, लकी भारद्वाज, संजय केसरी, अमरेश गुप्ता, मनीष गुप्ता, श्रवण गुप्ता शामिल रहे।
मंगलवार को नगर आयुक्त और पार्षदों के बीच नगर निगम कार्यालय में कहासुनी हो गई थी। अब यह मामला तूल पकड़ने लगा है। मामले की पूरी जानकारी पार्षदों ने अपने संगठन के पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को दी है। पार्षदों ने कहा कि अधिकारियों की कार्यशैली के कारण वार्डों में जनता परेशान है। अब इस मामले को ऊपर तक पहुंचाया गया है। हर बार बारिश से पहले नाला और सीवर सफाई की बात की जाती है, लेकिन होता कुछ नहीं है।