प्रतीकात्मक तस्वीर
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सोमवती अमावस्या पर तीर्थ स्थानों, नदियों, जलाशयों में स्नान करना और दान-दर्शन का विशेष महत्व है। कोरोना संक्रमण के चलते इस बार ऐसा संभव नहीं है इसलिए लोग पवित्र जल का मिश्रण करके घर पर स्नानदान करें। इससे भी गंगा में स्नान के समान पुण्य की प्राप्ति होगी।
हरियाली अमावस्या पर होती है अच्छी खेती की कामना
श्रावण अमावस्या को हरियाली अमावस्या भी कहते हैं। भगवान शिव-पार्वती के साथ पितरों की भी पूजा होती है। अच्छी खेती के लिए किसान हल, हंसिया की पूजा भी करते हैं। किसानों की समृद्धि और पर्यावरण की सुरक्षा का संदेश देने के लिए यह पर्व मनाया जाता है। श्रावण अमावस्या पर किसी एकांत स्थान के जलाशय में जाकर स्नान-दान, गरीबों को भोजन कराने से पितृगण प्रसन्न होते हैं।