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वाराणसी सिटी मजिस्ट्रेट को पाकिस्तान से धमकी, मस्जिद से जुड़ा है मामला

Thu, 15 Mar 2018 04:02 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,वाराणसी
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कोनिया की मस्जिद के मुकदमे में एक पक्ष के समर्थन में फैसला सुनाने को कहा - फोटो : demo
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उत्तरप्रदेश के वाराणसी से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है जहां कुछ लोगों ने अपने पक्ष में फैसला सुनाने के लिए अब कुछ लोग पाकिस्तान से भी अफसरों को धमकियां दिलवाने लगे हैं। मामला सामने आते ही जिला प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है।
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दरअसल, मंगलवार देर रात और बुधवार को वाराणसी सिटी मजिस्ट्रेट के पास एक फोन आया। दूसरी ओर से बात कर रहे शख्स ने खुद को पाकिस्तानी बताते हुए एक पक्ष की ओर से फैसला सुनाने की धमकी दे डाली। इतना ही नहीं ऐसा नहीं करने पर अंजाम भुगतने की भी बात कही।

सिटी मजिस्ट्रेट डॉ. विश्राम पक्ष ने पुलिस को बताया कि पिछले साल मार्च में मस्जिद की संपत्ति कुर्क की गई थी। ये केस सिटी मजिस्ट्रेट के न्यायालय में ही चल रहा है। इसमें बरेलवी और देवबंदी पक्षकार हैं। फोन करने वाले ने एक पक्ष के समर्थन में फैसला देने का दबाव बनाया। मामले में सिटी मजिस्ट्रेट ने एसओ आदमपुर को मुकदमा दर्ज कर जांच करने का निर्देश दिया है।  
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मार्च, 2016 में कोनिया मस्जिद में कब्जे को लेकर विवाद हुआ था। बरेलवी और देवबंदी मस्जिद पर अपना-अपना हक जताते हैं। विवाद के बाद प्रशासन ने चार अप्रैल, 2016 को मस्जिद में ताला बंद कर उसे कुर्क कर दिया था। आठ अप्रैल को सिटी मजिस्ट्रेट के न्यायालय में मुकदमा (युनूस बनाम जैनूल आब्दीन ) दर्ज किया गया। बुधवार को मुकदमे की सुनवाई होनी थी।

इससे पहले मंगलवार की रात एक पक्ष की ओर से रात एक बजे एक व्यक्ति ने सिटी मजिस्ट्रेट को फोन कर कहा कि वह पाकिस्तान से बोल रहा है। उसने सिटी मजिस्ट्रेट से एक पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए फैसला सुनाने को कहा। कहा, ऐसा न होने पर पर नतीजा अच्छा नहीं होगा। 

सिटी मजिस्ट्रेट ने ट्रू  कॉलर के जरिए नंबर चेक किया तो नंबर (923155061388) पाकिस्तान का ही निकला। बुधवार को दिन में जब मुकदमे के संबंध में दोनों पक्ष सिटी मजिस्ट्रेट के कोर्ट पहुंचे तो उन्होंने पाकिस्तान से आई कॉल के बाबत बात की। दोनों पक्षों का कहना था कि उन्होंने किसी से फोन नहीं कराया है। बाद में जांच-पड़ताल में पता चला कि एक पक्ष का रिश्तेदार पाकिस्तान में रहता है।
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