मुस्लिम समुदाय के लोगों ने इसे तानाशाही फैसला बताते हुए गलत बताया। इस बारे में वाराणसी विकास प्राधिकरण के सचिव और काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील वर्मा का कहना है कि विश्वनाथ कॉरिडोर की तैयारियों के मद्देनजर ही सभी भवनों को एक रंग में रंगवाया जा रहा था। इसी वजह से इस बिल्डिंग को भी उसी रंग से रंगवाया गया। बाद में इस पर आपत्ति के बाद उसे सफेद रंग से रंगवा दिया गया है।