चुनाव आयोग ने भले ही मेयर पद के लिए चुनावी खर्च की सीमा 25 लाख तय की है लेकिन जोर-शोर से प्रचार करने वाले प्रमुख दलों के प्रत्याशियों ने बहुत कम खर्च किया है। बुधवार तक 60 प्रतिशत से ज्यादा प्रत्याशियों ने चुनाव खर्च का ब्योरा जमा कर दिया है। फरवरी के अंत तक चुनाव खर्च का ब्योरा जमा किया जा सकता है।
भाजपा के टिकट पर मेयर चुनी गईं मृदुला जायसवाल ने अपने चुनाव प्रचार में आठ लाख 60 हजार रुपये का खर्च करने का ब्योरा कोषागार में दिया है, जबकि दूसरे स्थान पर रहीं कांग्रेस की शालिनी यादव खर्च के मामले में भी द्वितीय स्थान पर रहीं। उन्होंने 7.5 लाख रुपये खर्च होने की जानकारी दी है।
मेयर प्रत्याशियों में सबसे अमीर कही जाने वाली सपा प्रत्याशी साधना गुप्ता प्रचार पर खर्च में सबसे आगे रही हैं। उन्होंने 17 लाख चार हजार रुपये खर्च किए हैं। रामनगर पालिका अध्यक्ष चुनी गई रेखा शर्मा ने अपने चुनाव में 58718 रुपये खर्च किए जबकि उनके चुनाव खर्च की सीमा छह लाख रुपये थी।
यहां से निर्दलीय लड़े प्रेमचंद्र ने केवल 12 हजार रुपये खर्च किए हैं। दूसरी ओर गंगापुर नगर पालिका में चेयरमैन पद के किसी भी दावेदार ने अब तक खर्च का ब्योरा नहीं दिया है।