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सावन के पहले दिन केसरिया हुई काशी, बाबा के दरबार में महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार

Sat, 28 Jul 2018 12:29 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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- फोटो : अमर उजाला
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सावन के पहले दिन के जलाभिषेक के लिए काशी में कांवरियों का रेला उमड़ पड़ा है। इसके साथ ही काशी पर सावन की आस्था का रंग चढ़ गया। कहीं भोले बाबा के भजनों की मस्ती छाने लगी है तो कहीं आस्था का रंग चटख होने लगा है। इन सबके बीच, सावन में काशी आने वाले श्रद्धालुओं के साथ मित्रवत व्यवहार रखने, संयम बरतने के सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ , डीजीपी और प्रमुख सचिव का आदेश सावन के पहले दिन काशी विश्वनाथ मंदिर के छत्ताद्वार गेट पर दम तोड़ता नजर आया। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें..
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हजारों लोगों ने किया जलाभिषेक, लगी है लंबी कतार

varanasi - फोटो : अमर उजाला

सावन के पहले दिन शनिवार को भोलेनाथ की कृपा पाने के लिए दौड़ते, झूमते, गाते, नाचते बोल बम और हर हर महादेव के जयकारे लगाते श्रद्धालु आस्था के पथ पर आगे बढ़ रहे हैं। लाइन से अलग खड़ी कुछ महिलाओं को छत्ताद्वार के कमांडों ने वहां मौजूद पुरुष पुलिसकर्मियों की सहायता से जबरदस्ती पकड़ कर ढकेला और उन्हें कुछ दूर तक दौड़ाया भी। इससे पहले काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य अर्चक श्रीकांत मिश्रा मंदिर परिसर में पीएसी के जवानों ने पीट दिया। यह खबर फैलते ही सनसनी मच गई। मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंचा तो वाराणसी प्रशासन में हड़कंप में मच गया। फिलहाल इस मामले को लेकर पंचायत जारी है।
 
 

varanasi - फोटो : अमर उजाला
सावन के पहले दिन ही मुख्यमंत्री के निर्देशों की इस तरह धज्जियां उड़ने पर कयासों का बाजार गरम है। चाय की अड़ी से लेकर चौक चौराहों पर पुलिस के बर्ताव पर चर्चा हो रही है। काशी विश्वनाथ मंदिर में पूर्व में भगदड़ के दौरान हुए हादसों के बावजूद इस तरह की लापरवाही से बड़ी घटना घट सकती थी।
 
 

varanasi - फोटो : अमर उजाला
बिना महिला पुलिसकर्मी के नियम को ताक पर रखते हुए सुरक्षा में लगे कमांडो और पुलिसकर्मियों ने ना सिर्फ महिलाओं को ढकेला बल्कि उनका हाथ पकड़-पकड़ के कतार में से बहार निकाला और दूर तक झटक दिया।
 
 

बाबा दरबार में जाने को कतार में लगे लोग - फोटो : अमर उजाला
बाबा दरबार में महिलाओं से दुर्व्यवहार करने पर कुछ लोगों ने आपत्ति भी दर्ज की। सावन के पहले दिन ऐसा बर्ताव वाराणसी पुलिस के सभी दावों की पोल खोलता नजर आया। अब इंतजार है पुलिस के बड़े अधिकारियों का कि कब वो इस बात का संज्ञान लेते हैं। 
 

varanasi - फोटो : अमर उजाला
 
बोल बम भक्तों की गूंज काशी की सड़कों पर सुनाई देने लगी है। हजारों कांवरियों ने शनिवार को दशाश्वमेध घाट पर गंगा में डुबकी लगाई और बाबा का जलाभिषेक किया।   चंद्रग्रहण के उपरांत मंगला आरती के बाद काशी विश्वनाथ का सुबह पांच बजे पट खुला। मंदिर क्षेत्र में सुबह से लंबी कतार लगी है।

varanasi - फोटो : अमर उजाला

शुक्रवार शाम तक दशाश्वमेध में गंगा तट से लेकर चितरंजन पार्क के शिविर तक कांवरियों की भीड़ के चलते कहीं तिल रखने की जगह नहीं थी। शिविरों में भी जगह नहीं थी। दशाश्वमेध घाट से लेकर चितरंजन पार्क के शिव शक्ति कांवरिया तीर्थयात्री सेवा शिविर तक कांवरियों का रेला इस कदर था कि पैदल भी लोग नहीं चल पा रहे थे।

 

varanasi - फोटो : अमर उजाला
 बोल बम के जयकारे लगाते हुए भीड़ हर तरफ से बाबा दरबार की ओर बढ़ती रही। सुबह पांच बजे तक  गोदौलिया चौराहे तक श्रद्धालुओं का कारवां अपनी बारी के इंतजार में खड़ा नजर आया। सावन के पहले दिन शनिवार को काशी के प्रमुख शिव मंदिरों में भोर से ही हजारों शिवभक्त गंगा स्नान कर दर्शन-पूजन के लिए पहुंचने लगे।
 
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varanasi - फोटो : अमर उजाला

फूल-माला, दूध, भांग, धतूरा, फल और मिठाई चढ़ाकर पूजन-अर्चन किया और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। काशी विश्वनाथ मंदिर सहित अन्य मंदिरों में हजारों शिव भक्तों ने मत्था टेका। इस दौरान बोल बम, जय शिवशंकर, जय भोले, हर-हर महादेव तथा हर-हर गंगे के जयकारे से इलाका गूंज उठा।
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