- गाजियाबाद -400
- लखनऊ- 305
- कानपुर- 353
- ग्रेटर नोएडा- 362
- मुजफ्फरनगर-362
प्रदूषण रोकने के लिए सख्त निर्देश
प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पर्यावरण विभाग के प्रमुख सचिव ने उच्चस्तर पर बैठक करके अधिकारियों को निर्देश दिया था कि जिले में प्रदूषण रोकने के लिए सभी जरूरी उपाय किए जाएं। पराली जलाने वालों पर कठोर कार्रवाई की रणनीति बनी। साथ ही नियमित निगरानी के लिए राजस्व, पुलिस व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को शामिल करके एक टीम बनाई गई है।
गंगाजल की गुणवत्ता अत्यंत खराब
प्रदुषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार गंगा में प्रदूषण थम नहीं रहा है। बीते दो वर्षों के अंतराल में 30 मॉनीटरिंग स्थलों में से 28 में प्रदूषण की स्थिति खराब हुई है। गंगा की जल धारा में मलजनित व अन्य जीवाणुओं की भरमार है। 13 जगहों पर बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड मानक सीमा से अधिक पाया गया।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा गंगा के प्रदूषण पर नजर रखने के लिए बिजनौर से गाजीपुर तक 30 मॉनिटरिंग स्थल स्थापित किए गए हैं। वाराणसी में घुलनशील आक्सीजन की मात्रा तो बढ़ी है और जीवाणुओं की संख्या में तुलनात्मक कमी तो आई है लेकिन गुणवत्ता डी श्रेणी यानी अत्यंत खराब स्थिति में है।