इसमें चौक थाना के भुलेटन निवासी मेराज खान और दशाश्वमेध थाना क्षेत्र के नई सड़क निवासी अमन उर्फ अरशद ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि रुपये के लेनदेन में मो. अफजल को मारा गया। चौक थाने के हिस्ट्रीशीटर मेराज ने पूछताछ में बताया कि 19 फरवरी की रात फोन करके अफजल को दुर्गा मंदिर पोखरा के पास बुलाया गया और उसे छककर शराब पिलाया गया, जब वह नशे में धुत हुआ तो घाट की सीढ़ियों पर उसका सिर टकराकर मौत के घाट उतारा गया।
शव को ठिकाने लगाने के उद्देश्य से पोखरे में फेंक फरार हो गए थे। डीसीपी काशी आरएस गौतम के अनुसार चौक थाने के हिस्ट्रीशीटर मेराज ने कई आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया है, उसके खिलाफ लूट, हत्या, हत्या का प्रयास, जैसे कई संगीन मुकदमे दर्ज हैं।
मोबाइल के सीडीआर से खुला हत्या का राज
जिस दिन अफजल का शव मिला था, उसी दिन परिजनों ने हत्या की आशंका व्यक्त करते हुए आरोपियों का नाम उजागर किया था। घाट किनारे शराब की बोतलें और अन्य सामान बिखरा पड़ा था। उस दौरान ही पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों और अफजल के मोबाइल के सीडीआर को खंगाला तो मामला खुल गया। पुलिस टीम में शामिल पुनदेव सिंह, रामबाबू, अमित शुक्ला, शक्तिधर पांडेय, सूरज सिंह, दिवाकर वत्स आदि ने घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को दबोचा।