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एडीजी कार्मिक दिपेश जुनेजा ने दिया निर्देश, आरोपियों को अदालत से सजा दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करें

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हत्या जैसी जिन भी गंभीर किस्म की घटनाओं का खुलासा नहीं हुआ है, उन्हें लेकर पुलिस प्राथमिकता के साथ काम करे। बदमाशों और माफिया गिरोहों पर पुलिस की कार्रवाई प्रभावी तरीके से दिखे।
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जिले के नोडल अफसर और एडीजी कार्मिक दिपेश जुनेजा ने यह निर्देश शनिवार को पुलिस लाइन में समीक्षा बैठक में मातहत अफसरों को दिया। एडीजी कार्मिक ने कहा कि आपराधिक प्रवित्ति के लोगों की हिस्ट्रीशीट खोलकर उनकी निगरानी की ठोस व्यवस्था की जाए। थाने के टॉप 10 और टॉप फाइव अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में थानेदार लापरवाही न करें। गिरोह बनाकर जो भी बदमाश अपराध करते हैं, उनकी संपत्तियों को गैंगेस्टर एक्ट के तहत जब्त किया जाए। एडीजी कार्मिक ने कहा कि पुलिस सक्रिय और शांत अपराधियों के बीच का भेद जाने। दोनों के बीच का अंतर स्पष्ट होना चाहिए। पुलिस क्रियाशील और सक्रिय अपराधियों के खिलाफ सही तरीके से कार्रवाई करे। महिलाओं और बच्चों के साथ हुई आपराधिक घटनाओं में पुलिस संवेदनशीलता का परिचय देते हुए त्वरित कार्रवाई करे। गंभीर मामलों के जो भी वादी या गवाह हैं, पुलिस उनको मुकम्मल सुरक्षा दे। पुलिस किसी अपराध में आरोपी की गिरफ्तारी तक ही अपने अपनी जिम्मेदारी न समझे। आरोपियों को अदालत से सजा दिलाने में भी पुलिस महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करें। इस दौरान एसएसपी अमित पाठक सहित पुलिस महकमे के अन्य अफसर मौजूद रहे। शाम के समय एडीजी कार्मिक ने लॉकडाउन में पुलिस की सतर्कता का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी अतिरिक्त सतर्कता बरतें और ग्लव्स, मास्क व सैनिटाइजर का इस्तेमाल करते हुए सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का कड़ाई से पालन करें।
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