इस बीच दबाव बनाने पर फर्जी नियुक्त पत्र थमा दिया, उसे लेकर परिसर स्थित सेंट्रल आफिस पहुंचे तो धोखाधड़ी समझ में आई। यही नहीं, दो से तीन बार उसने फर्जी नियुक्ति पत्र थमाया। आरोपी अशोक कुमार दुबे के गिरोह में अन्य और भी लोग है, जो पैसा लेकर बेरोजगार युवक व युवतियों से धोखाधड़ी कर रकम ऐंठते हैं। पीड़ितों का आरोप है कि बेरोजगारों को धमकाने और उन्हें ब्लैकमेल करने के लिए उनका मूल शैक्षणिक दस्तावेज भी अपने पास रखा हुआ है। एसीपी भेलूपुर प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
बाबूओं से है उसकी सेंटिंग
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अशोक कुमार दुबे की बीएचयू के कुछ कर्मचारियों से अच्छी जान पहचान है। जिसके दम पर वह पिछले चार-पांच साल से धोखाधड़ी करते हुए युवाओं को लूटते आया। पुलिस का दावा है कि कुछ और आरोपियों को पकड़ा जाएगा।