जिला महिला अस्पताल कबीरचौरा में भर्ती नवजात की मौत पर मंगलवार को परिजनों ने जमकर हंगामा किया। डॉक्टर और स्टाफ नर्स पर इलाज में लापरवाही और धन उगाही का आरोप लगाते हुए परिजनों ने कार्रवाई की मांग की। मौके पर पहुंची पुलिस ने समझाबुझाकर मामला शांत कराया। उधर, महिला अस्पताल की एसआईसी ने पूरे मामले की जांच का आदेश दिया है। अब परिजनों के बयान दर्ज किए जाएंगे।
लंका के छित्तूपुर निवासी धर्मेंद्र पटेल ने बताया कि डिलिवरी के लिए उन्होंने पत्नी को रविवार को महिला अस्पताल में भर्ती कराया था। डिलिवरी के बाद बच्चे की तबीयत बिगड़ गई। इसकी जानकारी ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर और स्टाफ नर्स को दी गई, लेकिन किसी ने बात नहीं सुनी। पत्नी को ड्रिप चढ़ाने और राउंड पर आने के नाम पर पैसे की मांग भी की गई।
नार्मल डिलिवरी हुई, लेकिन बच्चे के इलाज में लापरवाही बरती गई। अगर समय से डॉक्टर और स्टाफ नर्स समस्या सुन लेती तो शायद बच्चे की जान न जाती। उधर, महिला अस्पताल की एसआईसी डॉ. लिली श्रीवास्तव ने बताया कि सोमवार शाम महिला की नार्मल डिलिवरी हुई।
जन्म के समय बच्चा स्वस्थ था। प्रथम दृष्टया यही मामला सामने आया है कि मां के द्वारा बच्चे को दूध पिलाने में लापरवाही की वजह से तबीयत बिगड़ी। मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। कमेटी परिजन, ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर-स्टाफ नर्स आदि के बयान दर्ज कर तीन दिन में रिपोर्ट देगी। इसके आधार पर कार्रवाई होगी।