मणिकर्णिका सेवा समिति ने सौंपी भिखारी धर्मशाला
श्री काशी विश्वनाथ धाम के निर्माण की गति अब और तेज हो जाएगी। अब तक जहां धरातल पर कार्य दिखने लगा था वहीं सावन माह तक भवन आकार लेने लगेंगे। कोरोना महामारी के चलते श्री काशी विश्वनाथ धाम का निर्माण भी प्रभावित हो गया था। ऐसे में कार्य को समय पूरा करना कंपनी के लिए चुनौती बन गया था। लॉकडाउन खुलते ही कंपनी द्वारा अपने विभिन्न क्षेत्रों से मजदूरों को बुलवाकर काम शुरू करा दिया है।
अब मजदूरों की संख्या लगभग 400 से अधिक हो चुकी है वहीं शुक्रवार की शाम को मणिकर्णिका सेवा समिति द्वारा इस धाम के निर्माण के लिए भिखारी धर्मशाला मंदिर प्रशासन को सौंप दी गई। इसके एवज में मंदिर प्रशासन द्वारा समिति के खाते में एक करोड़ 80 लाख की धनराशि भेज दी गई है।
लिखित सहमति मिलते ही शनिवार को मंदिर प्रशासन द्वारा मशीनों को लगाकर उस भवन के ध्वस्तीकरण का कार्य तेज कर दिया गया है। इससे अब घाट किनारे बनने वाले जेटी और अन्य निर्माणों की गति कई गुना बढ़ जाएगी। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक विशाल सिंह ने बताया कि मणिकर्णिका सेवा समिति द्वारा किए गए इस सहयोग से अब निर्माण कार्य को काफी लाभ पहुंचेगा। इस भवन के हटने के बाद वहां होने वाले पक्के घाट के निर्माण से घाट का सौंदर्य काफी बढ़ जाएगा।