बढ़ी नाविकों की परेशानी
लॉकडाउन के कारण गंगा में नौका का संचालन बंद होने के कारण सभी नावें गंगा किनारे घाटों पर ही खड़ी हैं। नाविकों का कहना है कि बढ़ाव तेज होने से उनकी नावों को भी डूबने का खतरा है। घाट पर जाने की पाबंदी के कारण 24 घंटे नावों की निगरानी भी नहीं हो पा रही है। छोटी नावों में तो पानी भरने के कारण शनिवार को नाविकों ने सफाई भी की और नावों की रस्सियों को दोबारा से कसा भी।
राहत भरी है बढ़ोत्तरी
गंगा के जलस्तर में बढ़ोत्तरी से जलकल विभाग ने भी राहत की सांस ली है। पिछले साल जून में गंगा का जलस्तर 58 मीटर दर्ज किया गया था। इसके कारण कई मोहल्लों में पानी की सप्लाई में परेशानी झेलनी पड़ी थी। जलकल महाप्रबंधक नीरज गौड़ का कहना है कि पानी के पंप इस बार बंद नहीं करने पड़े। शहरवासियों को पानी की निर्बाध आपूर्ति की जा रही है। गंगा के जलस्तर में बढ़ोत्तरी राहत देने वाली है।
पिछले साल बाढ़ ने बढ़ाई थी परेशानी
पिछले साल में गंगा में जबरदस्त बाढ़ आई थी। इसके कारण गंगा एवं वरुणा के किनारे अवैध रूप से बसे लोगों के घरों में पानी घुस गया था। हजारों लोगों को अपना घर छोड़कर राहत शिविर या अपने रिश्तेदारों के यहां जाना पड़ा था। लोगों की जिंदगी छतों पर गुजरने लगी थी। मुसीबत झेलने के बाद भी बहुत कम ही ऐसे लोग होंगे जिन्होंने अपना घर दूसरी जगह बसाया होगा। ऐसे में अगर इस साल भी बाढ़ आई तो परेशानी ज्यादा बढ़ सकती है।