मणिकर्णिका घाट के सुंदरीकरण कार्य से संबंधित फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करने वाले आठ लोगों और एक्स हैंडल के खिलाफ शुक्रवार को चौक थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। कार्यदायी संस्था की तहरीर के आधार पर दर्ज प्राथमिकी में कहा गया है कि वीडियो में भारत सरकार को विदेशी आक्रांता औरंगजेब से जोड़ा गया। डीसीपी काशी गौरव बंशवाल के मुताबिक, इन आठ लोगों ने एआई से बने वीडियो और फोटो साझा किए, जिनमें मणिकर्णिका घाट के सुंदरीकरण कार्य को लेकर अलग-अलग पोस्ट और आपत्तिजनक टिप्पणियां शामिल थीं।
जीवीएस इंजीनियर कंसल्टेंट कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर और तमिलनाडु के रामानाथपुरम, पेरूनाला थाना क्षेत्र के वी सेतुराजापुरम निवासी मानो ने पुलिस को बताया कि उनकी कंपनी मणिकर्णिका घाट पर स्थापना सुविधाओं को सुदृढ़ और सुंदरीकरण कार्य करा रही है।
सोशल मीडिया एक्स हैंडल के माध्यम से जानकारी मिली कि मणिकर्णिका घाट पर सुंदरीकरण कार्य का वर्णन करते हुए वास्तविक तथ्यों के विपरीत असत्य, निराधार और भ्रामक तस्वीरें और पोस्ट एक्स हैंडल यूजर आशुतोष (@daksinapathpati) द्वारा 16 जनवरी की रात 10.02 बजे शेयर किए गए।
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इन पोस्ट के माध्यम से हिंदू देवी-देवताओं में आस्था रखने वाले आमजन को भ्रमित किया गया और समाज में आक्रोश उत्पन्न हुआ, जिससे सामाजिक सौहार्द प्रभावित हुआ। एक्स हैंडल पर कुछ असामाजिक तत्वों ने रि-ट्वीट और अन्य टिप्पणियां कर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास किया। नगर निगम के अपर नगर आयुक्त संगम लाल ने एस संदीप देव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। डीसीपी काशी गौरव बंशवाल ने बताया कि आठ व्यक्तियों और एक्स हैंडल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।