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सोनभद्र: फर्जी जाति प्रमाण पत्र पर बन गया क्षेत्र पंचायत सदस्य, उच्च अधिकारियों को भेजी गई जांच रिपोर्ट

Tue, 06 Jul 2021 11:46 PM IST
हरि User अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र

सार

नगवां ब्लाक के ग्राम पंचायत सिकरवार के बीडीसी सदस्य ने अनुसूचित जाति का फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर जीत दर्ज कर ली। तहसीलदार ने बीडीसी का प्रमाण पत्र रद्द करने की संस्तुति करते हुए रिपोर्ट डीएम को भेज दी है। प्रथम दृष्टया लेखपाल स्तर पर लापरवाही सामने आई है। 
 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव में एक प्रत्याशी ने फर्जीवाड़ा कर जीत दर्ज कर ली है। जांच में इसका खुलासा हुआ तो अधिकार भी सकते में आ गए। दरअसल सोनभद्र जनपद के नगवां ब्लाक के ग्राम पंचायत सिकरवार के बीडीसी सदस्य ने अनुसूचित जाति का फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर जीत दर्ज कर ली। इसका खुलासा सदर तहसील के तहसीलदार बृजेश वर्मा की जांच में हुआ। तहसीलदार ने बीडीसी का प्रमाण पत्र रद्द करने की संस्तुति करते हुए रिपोर्ट डीएम को भेज दी है।

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ग्राम पंचायत सिकरवार के साड़सोत निवासी बनारसी ने डीएम को पत्र देकर शिकायत की थी कि वह त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2021 में क्षेत्र पंचायत सदस्य पद का प्रत्याशी था। इस पद के लिए लल्लू पुत्र हरिदास ने आवेदन कर अनुसूचित जनजाति का प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया। इस प्रमाणपत्र के आधार पर वह चुनाव लड़ा और निर्वाचित हो गया, जबकि लल्लू की जाति पिछड़ी है। डीएम ने सदर एसडीएम केएस पांडेय को जांच का निर्देश दिया।

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लेखपाल के स्तर पर लापरवाही उजागर

एसडीएम के निर्देश पर तहसीलदार ने जांच शुरू की तो शिकायत सही निकली। तहसीलदार ने डीएम को भेजी रिपोर्ट में लिखा है कि अभिलेखीय साक्ष्य के आधार पर लल्लू कहार जाति के हैं, जो वर्तमान समय में भी अन्य पिछड़े वर्ग में आती है। लेखपाल ने अपने कर्तव्यों का निर्वहन नहीं किया और आवेदक के बारे में गहन जांच पड़ताल नहीं की। प्रथम दृष्टया लेखपाल के स्तर पर भी लापरवाही प्रतीत हो रही है, जिसके लिए लेखपाल को अलग से स्पष्टीकरण जारी किया जा रहा है। जांच से स्पष्ट है कि लल्लू निवासी सिकरवार ने तथ्यों को छिपाकर अपने पक्ष में अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र निर्गत कराया है।

इस संदर्भ में राबर्ट्सगंज के तहसीलदार बृजेश वर्मा का कहना है कि जांच से स्पष्ट है कि लल्लू निवासी सिकरवार ने तथ्यों को छिपाकर अपने पक्ष में अनुसूचित जनजाति प्रमाणपत्र निर्गत कराया है और इस प्रमाणपत्र का अनुचित लाभ प्राप्त किया है। लल्लू जाति के कहार हैं जो पिछड़ी जाति के अंतर्गत वर्गीकृत है। लिहाजा उनके पक्ष में निर्गत जाति प्रमाणपत्र को निरस्त करने की संस्तुति सहित आख्या भेज दी गई है। 
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