इस समय वह सेंट्रल जेल आगरा में बंद है। लेकिन, अभी तक मुकदमों में रिमांड नहीं बन सकी है। इस कारण सामूहिक दुष्कर्म सहित अन्य मामलों में चार्जशीट दाखिल करने में पेच फंसा है। उधर, विधायक की पत्नी अंतरिम जमानत पर बाहर हैं, जबकि बेटा फरार है। उनकी अधिवक्ता रीमा पांडेय ने बताया कि वीडियो कांफ्रेंसिंग से सुनवाई का प्रयास किया गया था, लेकिन नहीं हो सका। मुकदमों में अभी रिमांड नहीं बन सकी है, जिसके कारण सीजेएम खातून बेगम की अदालत ने बुधवार को उन्हें तलब किया है। रिमांड के लिए पहली पेशी जरूरी है। हालांकि पुलिस अधीक्षक रामबदन सिंह ने पेशी से अनभिज्ञता जताई है।
सामूहिक दुष्कर्म के मामले में ज्ञानपुर के बाहुबली विधायक विजय मिश्र के नाती विकास मिश्र उर्फ ज्योति को हाईकोर्ट से राहत मिल गई। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश ओमप्रकाश की बेंच ने ज्योति को दुष्कर्म के मामले में जमानत दे दी। करीब छह महीने बाद मंगलवार को जेल से बाहर आने पर कौलापुर स्थित आवास पर समर्थकों ने स्वागत किया। वाराणसी की एक गायिका ने करीब 10 माह पूर्व विधायक विजय मिश्र, उनके बेटे विष्णु मिश्र और नाती के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। विकास को दिसंबर 2020 में पुलिस ने पकड़ा था।