1995 से अब स्वयं या फिर परिवार के सदस्य पार्षद का चुनाव जीतते चले आ रहे हैं। वर्ष 2001 में सबसे ज्यादा वोटों के अंतर से प्रदेश में चुनाव जीतने का रिकार्ड भी ओपी के पास है। 2001 में वाराणसी नगर निगम में उपसभापति भी रह चुके हैं। वर्ष 2012 में समाजवादी पार्टी वाराणसी के महानगर अध्यक्ष रहे।
सपा नेताओं के साथ डॉक्टर ओपी सिंह
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इसके बाद वर्ष 2014 में समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव रहे। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने शहर उत्तरी विधानसभा से इन्हें पार्टी का प्रत्याशी बनाया था। लेकिन, यह सीट कांग्रेस से गठबंधन होने के बाद कांग्रेस पार्टी के खाते में चली गई थी। इस कारण ये विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ पाए थे।
बीते बुधवार को ओपी सिंह का शिवपुर बाईपास स्थित होटल वीडीए ने सील कर दिया था। उस दिन ओपी सिंह ने इसे राजनीतिक कार्रवाई बताई थी। उनका होटल 2012 में बना था। होटल के नक्शे के आवंटन को लेकर यह कार्रवाई पुलिस और वीडीए ने की थी।
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2017 के वोट प्रतिशत पर गौर करें तो भाजपा की मृदुला जायसवाल को 42.63 प्रतिशत वोट मिले थे। प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस की प्रत्याशी शालिनी यादव को 25.08 प्रतिशत वोट पड़े थे। इसके अलावा 21.97 प्रतिशत वोट अन्य उम्मीदवारों को मिले थे। 1.18 प्रतिशत नोटा वोट पड़े थे। विजयी पार्टी भाजपा जहां अपना वोट प्रतिशत बढ़ाने में जुटी है। वहीं विपक्षी दल बिखरे वोटों को समेटने में लगे हैं। अन्य उम्मीदवारों को मिले वोट प्रतिशत को हासिल करने में विपक्षी दल कामयाब होंगे तो बड़ा उलटफेर कर सकेंगे। इसके लिए विपक्षी दलों ने रणनीतिकारों को लगाया है।