बारिश के बाद कबीरचौरा क्षेत्र में धंसी सड़क
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बारिश से लोगों को गर्मी से राहत तो मिली है, लेकिन यह आफत बनकर आई है। शहर में कई जगहों पर सड़कें धंस गई हैं। इसके अलावा कई जगहों पर जलभराव हो गया। लोगों का राह चलना मुश्किल हो गया है। उधर, बीएचयू ट्रामा सेंटर परिसर में बने साइकिल स्टैंड में भी पानी भर गया है। लोगों को दोपहिया, चार पहिया खड़ी करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
हर साल बरसात से पहले लोक निर्माण विभाग की ओर से सड़कों की मरम्मत और नगर निगम की ओर से नालियों की सफाई के दावे किए जाते हैं लेकिन हकीकत यह है कि पहली ही बारिश में दावों की पोल खुल गई। ग्रामीण इलाकों की कौन कहे शहर के बीच की सड़कें ही चलने लायक नहीं रह गई हैं। इसके अलावा नालियां भी जाम हैं, जिस वजह से चलने में परेशानी हो रही है।
पिछले एक सप्ताह से कभी तेज धूप कभी झमाझम बारिश हो रही है। तापमान में भी उतार चढ़ाव बना हुआ है। इस बदलाव का असर सेहत पर पड़ रहा है। अस्पतालों की ओपीडी में मौसमी बीमारियों से परेशान लोगों की संख्या अधिक है। बुजुर्ग सर्दी, खांसी, बुखार से परेशान हैं। सबसे अधिक परेशानी बच्चों को हो रही है।
बारिश के बाद धूप होने की वजह से खुजली, शरीर पर दाने निकलने के साथ ही बहुत से लोग एलर्जी से परेशान हैं। दीनदयाल अस्पताल में फिजिशियन डॉ. पीके सिंह के मुताबिक, हर दिन 100 मरीजों में 30 से 40 सर्दी, खांसी, बुखार से परेशान हैं। लोगों को खानपान पर विशेष ध्यान देने के साथ ही बारिश में भीगने से बचने की सलाह दी जा रही है।
इधर, राजकीय आयुर्वेद कॉलेज चौकाघाट, मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा, दीनदयाल अस्पताल के पंजीकरण काउंटर पर बुधवार को मरीजों की लाइन लगी रही। मंडलीय अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सीपी गुप्ता ने बताया कि ओपीडी में आने वाले बच्चों में 30 से 40 प्रतिशत उल्टी, दस्त, डायरिया से पीड़ित हैं। कुछ बच्चों को दवाइयां दी जा रही हैं, कुछ को भर्ती किया जा रहा है।