मोहब्बत के सफर को एक हसीं आगाज दे देना, मेरा कल मुस्कुरा उठे तुम ऐसा आज दे देना, वफाएं देख लेना तुम तुम्हारी प्यार की खातिर, चली आऊंगी मैं सब छोड़कर आवाज दे देना....अनामिका जैन अंबर भी काशी की जनता के सामने काव्य पाठ करने के लिए उत्साहित हैं। उन्होंने अपनी कविता के जरिए काशी की जनता को अपना अभिवादन भेजा है।