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भाजपा को छोड़ किसी दल ने नहीं किया व्यापारियों का सम्मान: सतीश महाना

Thu, 27 Dec 2018 11:56 AM IST
shashikant misra न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना - फोटो : amar ujala
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उत्तर प्रदेश सरकार में औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने बनारस में व्यापारियों से खुद को जोड़ते हुए कहा कि वह भी व्यापारी के ही खानदान से हैं और व्यापार की ही रोटी खाते हैं। इस दौरान उन्होंने विपक्षी दलों को जमकर निशाने पर लिया।
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भाजपा को छोड़ किसी दल ने व्यापारियों को सम्मान देने का काम नहीं किया, जबकि व्यापारी अपनी मेहनत से सरकार को राजस्व देते हैं। इसी वजह से व्यापारियों की भी अब भाजपा के अलावा कोई पार्टी नहीं है।

वह बुधवार को गांधी अध्ययन पीठ महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के सभागार में आयोजित भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ काशी प्रांत क्षेत्र के क्षेत्रीय व्यापारी बाजार संयोजकों के सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। औद्योगिक विकास मंत्री ने कहा कि सरकार ने व्यापारियों की हितों को देखते हुए व्यापार कल्याण बोर्ड भी बना दिया है।
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जीएसटी के  बहुत सी वस्तुओं पर टैक्स कम किया गया है, जो विपक्षी दलों को पच नहीं रहा है, लेकिन व्यापारीहितों में आवश्यकता पड़ने पर आगे भी जीएसटी में संशोधन हो सकता है। उन्होंने कहा कि देश को किसी ने बदलने का काम किया तो पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी ने। अब उनके मिशन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगे ले जाने का काम कर रहे हैं।

कांग्रेस पर वार करते हुए कहा कि इलाहाबाद (प्रयागराज) का दुर्भाग्य रहा कि 6 प्रधानमंत्री देने के बाद भी इस गति से विकास नहीं कर सका, जिसकी उम्मीद की जाती है, लेकिन आज एक प्रधानमंत्री देने वाला वाराणसी पांच साल के अंदर ही बदल गया है। यहां जिधर भी देखिए विकास कार्य दिखाई पड़ रहा है।

आज उत्तर प्रदेश बाहर की पहचान बन गया है। कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि पार्टी दुर्भाग्य से तीन राज्यों की चुनाव में हार गई। सरकार की योजनाओं को गिनाते हुए कहा कि गरीब आदमी का वोट मोदी को ही मिलेगा। 
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बाजार संयोजक प्रमुखों की लगी क्लास

भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक विनीत अग्रवाल शारदा ने कार्यक्रम की शुरूआत में जिला वार समीक्षा किया। इस दौरान अधिकांश जिले के संयोजक प्रमुखों की क्लास लिया। इसमें जौनपुर सहित कुछ जिले से एक भी पदाधिकारी के न आने की बात सामाने आई। इसे लेकर वे काफी नाराज दिखे।

इसी तरह काशी बाजार प्रमुखों के  बारे में जानकारी लिया तो बताया गया कि यहां 46 संयोजक हैं, जबकि कार्यक्रम में 11 ही मौजूद मिले। वाराणसी जिले से 35 में 7, गाजीपुर से 26 में 1, सुल्तानपुर में 21 में 5, अमेठी से 30 में 3, भदोही से 19 में 3, कौशाम्बी से 12 में 3 संयोजक आए थे।

कमावेश अन्य जिलों की भी यही स्थिति थी। इस पर फटकार लगाते हुए उन्होंने कहा कि जिन बाजार प्रमुखों ने संयोजक नहीं बनाए हैं वे एक सप्ताह में बना लें। साथ ही यह सुनिश्चित करें कि वे जिन्हें संयोजक बना रहे हैं वह नाम के नहीं काम के भी हैं।
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