चुनाव हो और खादी की मांग न हो ऐसा संभव नहीं हो सकता। चुनाव आते ही खादी के कपड़े की मांग बढ़ जाती है। जनता के बीच जाने से पहले नेता और कार्यकर्ता अपनी ठाटबाट के लिए खादी का कुर्ता पजामा, वूलेन सदरी, सिल्क सदरी आदि खरीद रहे हैं।
इससे खादी बाजार में तेजी आई है। दुकान संचालकों का कहना है कि चुनाव के लिए खादी बाजार भी तैयार है, खादी के कई वैरायटी के कपड़े उपलब्ध हैं। ठंड ज्यादा होने से वूलेन सदरी की ज्यादा खरीद हो रही है। जिले में खादी ग्रामोद्योग और गांधी आश्रम की 62 दुकानें हैं। मिंट हाउस, मलदहिया, शिवाला, अस्सी आदि जगहों पर खादी के कपड़ों की बिक्री हो रही है।