उत्तर प्रदेश में खोई सियासी जमीन तलाश रही कांग्रेस को विधानसभा चुनाव में पूर्वांचल की परती जमीन से संजीवनी की आस है। यही कारण है कि वाराणसी से चुनावी शंखनाद कर कांग्रेस ने अपनी मंशा भी जाहिर कर दी है। रैली में स्वस्ति वाचन से लेकर कुरान की आयत और अरदास के जरिए प्रियंका गांधी वाड्रा ने सॉफ्ट हिंदुत्व का संकेत दिया। उधर, भाजपा पर आक्रामक वार कर उन्होंने यह साफ कर दिया कि कांग्रेस अकेले दम पर चुनाव मैदान में उतरेगी।
दरअसल, किसी जमाने में पूर्वांचल में मजबूत पकड़ रखने वाली कांग्रेस पिछले दो दशक से लगातार यहां पिछड़ते हुए धरातल पर पहुंच गई है। दलित, किसान और नौजवानों के नारे के साथ कांग्रेस भाजपा के खिलाफ जारी युद्ध में उसकी काट निकालने की कवायद में है।
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यही कारण है कि कांग्रेस हिंदुत्व की राह पर भी लोगों को रिझाने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। स्थानीय कांग्रेसी नेताओं का प्रियंका को तलवार भेंटकर शक्तिस्वरूप प्रयोग भी इसी अभियान से जोड़ा जा रहा है।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने अपने भाषण की शुरुआत करते हुए बताया कि वह नवरात्र का व्रत हैं और दुर्गा सप्तशती के मंत्रों के बाद, जय माता दी का जयकारा भी लगाया। कांग्रेस की यह बदली हुई शैली से पार्टी को जरूर उम्मीद है। रैली में शामिल किसान, मजदूर, महिलाओं और आम लोगों ने प्रियंका गांधी का नाम लेकर अपने इरादे जाहिर किए।
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