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यूपीः DGP के दावे से मेल नहीं खाती हकीकत, इन दो जिलों में बढ़ा महिला अपराध का ग्राफ

Tue, 01 May 2018 08:55 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुष्पेन्द्र कुमार त्रिपाठी
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डीजीपी ओपी सिंह - फोटो : अमर उजाला
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यूपी पुलिस के डीजीपी ओपी सिंह ने अभी दो दिन पहले वाराणसी में जोन के दस जिलों  की कानून व्यवस्था की समीक्षा की। इसके बाद पत्रकार वार्ता में दावा किया कि वाराणसी जोन में कानून व्यवस्था की स्थिति ठीक है। पुलिस अच्छा काम कर रही है। मगर, जोन के जिलों के थानों में दर्ज आपराधिक घटनाओं के आंकड़े डीजीपी के दावे से मेल नहीं खाते।
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जौनपुर और गाजीपुर जिले में महिलाओं के साथ दुराचार और अपहरण की घटनाओं में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। वहीं, बनारस में घरेलू हिंसा और दहेज हत्या तो मिर्जापुर में हत्या और दुराचार की ताबड़तोड़ वारदातों पर अंकुश बड़ी चुनौती के रूप में सामने है।
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बीते एक जनवरी से 15 अप्रैल के बीच गाजीपुर जिले में दुराचार के 21, अपहरण के 46, दहेज हत्या के नौ, घरेलू हिंसा के 36 और चेन स्नेचिंग का एक मुकदमा दर्ज किया गया। वर्ष 2017 की इसी अवधि में गाजीपुर जिले में दुराचार के 14, अपहरण के 41, दहेज हत्या के छह और घरेलू हिंसा के 20 मुकदमे दर्ज हुए थे।

पढ़ेंः यूपी का पहला शहर बनारस जहां हुआ लेडी एंटी रोमियो स्क्वॉड का गठन

जौनपुर जिले में दुराचार के 23 (पिछले साल से छह ज्यादा), अपहरण के 96 (पिछले साल से 45 ज्यादा), दहेज हत्या के 15 (पिछले साल से छह ज्यादा), घरेलू हिंसा के 34 (पिछले साल से 26 ज्यादा) और चेन स्नेचिंग का एक मुकदमा एक जनवरी से 15 अप्रैल के बीच दर्ज हुआ। 

बनारस और मिर्जापुर में भी हालात ठीक नहीं

बोले, जोन के दस जिलों में कानून व्यवस्था की स्थिति ठीक - फोटो : अमर उजाला

वाराणसी में बीते साल एक जनवरी से 15 अप्रैल तक घरेलू हिंसा के 104 और मौजूदा साल में 123 मामले दर्ज हो चुके हैं। वहीं, दहेज हत्या के बीते साल पांच मामले और इस साल अब तक 10 दर्ज हो चुके हैं।

मिर्जापुर जिले में वर्ष 2017 में 15 अप्रैल तक हत्या का एक और दुराचार का तीन मुकदमा दर्ज हुआ था मगर मौजूदा साल में हत्या के चार और दुराचार के आठ मामले सामने आए।

हालांकि, इन चार जिलों को छोड़कर चंदौली, आजमगढ़, मऊ, बलिया, सोनभद्र और भदोही जिले में महिला हत्या, दुराचार, किशोरियों के अपहरण, दहेज हत्या और घरेलू हिंसा जैसे अपराधों में कमी आई है।

हत्या, बलवा, चोरी में भी जौनपुर और गाजीपुर आगे
हत्या, हत्या का प्रयास, बलवा और चोरी सहित अन्य प्रमुख अपराधों में भी जोन के दस जिलों में जौनपुर पहले स्थान पर है। बीते एक जनवरी से 15 अप्रैल तक जौनपुर में हत्या के 16, हत्या का प्रयास के 27, बलवा के 85, डकैती का एक और चोरी के 153 मुकदमे ज्यादा दर्ज हुए।

वहीं, वर्ष 2017 की इसी अवधि में हत्या के 13, हत्या का प्रयास के 23, बलवा के 57 और चोरी के 119 मुकदमे दर्ज हुए थे।
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वाराणसी परिक्षेत्र में 213 की गिरफ्तारी बाकी

यूपी पुलिस
बीते एक जनवरी से 15 अप्रैल तक वाराणसी परिक्षेत्र के चार जिलों में महिलाओं से संबंधित 333 अपराध में 354 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई हुई। 213 अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।

आजमगढ़ परिक्षेत्र के तीन जिलों में दर्ज 174 मुकदमों में 241 गिरफ्तार हुए और 49 की गिरफ्तारी बाकी है। वहीं, मिर्जापुर परिक्षेत्र के तीन जिलों में दर्ज 84 मुकदमों में 72 के खिलाफ कार्रवाई हुई और 31 आरोपी पकड़ से बाहर हैं।
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