इसके अलावा बसपा को हर सीट पर चार से 10 फीसदी तक मत कम मिले हैं। भाजपा प्रत्याशियों को मिले मत फीसदी के आंकड़ों पर नजर डाले तो पिंडरा में डा. अवधेश सिंह को 38.20, शिवपुर में अनिल राजभर को 45.73, कैंट में सौरभ श्रीवास्तव को 60.62, रोहनिया में अपना दल एस के सुनील पटेल को 48.07, सेवापुरी में नील रतन पटेल को 47.59, दक्षिणी में डॉ. नीलकंठ तिवारी को 50.86, अजगरा में त्रिभुवन राम को 41.22 और उत्तरी में रविंद्र जायसवाल को 54.61 फीसदी मत मिले।
कमजोर प्रबंधन और प्रत्याशी चयन में चूक का खामियाजा
दरअसल, वाराणसी में भाजपा के मजबूत संगठन और चुनावी प्रबंधन के मुकाबले सपा, बसपा और कांग्रेस कोई खास रणनीति नहीं बना पाए। इसके अलावा कांग्रेस में प्रत्याशी चयन के बाद ही विवाद और नाराज कार्यकर्ताओं को जोड़ पाने में नाकामी के चलते उसके छह प्रत्याशी अपनी जमानत नहीं बचा पाए।
ऐसे ही सपा में शहर दक्षिणी जैसी सीट छोड़ दें तो कोई खास कार्ययोजना बनाने में नाकाम रही है। बसपा के प्रत्याशी केवल सोशल इंजीनियरिंग के भरोसे ही मैदान में थे। उनके पास ना तो बेहतर प्लानिंग थी और ना ही संगठन का सहयोग।
विधानसभा चुनाव के बाद जहां एक ओर भाजपा में खुशी का माहौल है। वहीं, विपक्षी दल हार के कारणों की तलाश मेें जुट गए हैं। मतदान बाद राजनीतिक दल मिले मतों की गहन जांच पड़ताल के साथ संगठन की मजबूती में जुट गए हैं। विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में लौटी भाजपा जश्न में डूबी है।
वहीं, विपक्ष हार के कारणों की तलाश में जुट गया है। 1985 के बाद जनता ने किसी दल को लगातार दूसरी बार सरकार बनाने का मौका दिया है। ऐसे में कहा जा सकता है कि जनता ने भाजपा को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। वहीं, विपक्ष भी सत्ता की गलतियों के खिलाफ जनता को साधने की तैयारी में है।
भाजपा जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा ने कहा कि वाराणसी की जनता ने विधानसभा चुनाव में मत देकर साफ कर दिया है कि वह बहकावे में नहीं आने वाली। यह काशी में विकास, विश्वास और पीएम मोदी के विचार की जीत है।
सपा जिलाध्यक्ष सपा सुजीत यादव लक्कड़ ने कहा कि सपा के प्रति जनता का रुझान बढ़ा है। आजमगढ़ में पार्टी को भरपूर समर्थन मिला है। लोकतंत्र में जनमत सर्वोपरि है। नई ऊर्जा के साथ जनता के मुद्दों को लेकर संघर्ष करेंगे।
बसपा जिलाध्यक्ष राजेश भारती ने कहा कि लोकतंत्र में जनता का मत सर्वोपरि है। पार्टी कैडर की बैठक में हार के कारणों पर विचार विमर्श किया जाएगा। आगामी चुनाव में बसपा बेहतर प्रदर्शन करेगी। हार के कारणों को तलाशने का काम करेंगे।
कांग्रेस के वाराणसी महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने कहा कि हम हार पर मंथन कर रहे हैं। जनादेश को हम स्वीकार कर रहे हैं। संगठन की मजबूती पर ध्यान देंगे। इस चुनाव में हार मिली है, लेकिन आगे भी जनता के मुद्दों पर संघर्ष करेंगे।