उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद के प्रदेशीय संयोजक डॉ. विश्वनाथ दुबे ने कहा कि विद्यालयों में प्री बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो गई हैं। इसके अलावा मुख्य परीक्षा के मद्देनजर 10वीं, 12वीं के जो भी पाठयक्रम हैं, उसको भी परीक्षा से पहले पूरा और उसका दोहराव कराने की प्रक्रिया शुरू हो गई।
जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. विनोद कुमार राय ने कहा कि शासन के निर्देश के अनुसार जिले में प्री बोर्ड परीक्षा शुरू हो गई हैं। सभी प्रधानाचार्यों को 28 फरवरी तक परीक्षा कराने के साथ ही मुख्य परीक्षा की तैयारी करते रहने का निर्देश दिया है। बस बोर्ड से परीक्षा तिथि जारी होने का इंतजार है।
सीबीएसई और यूपी बोर्ड की परीक्षाओं को लेकर छात्र तैयारियों में जुट गए है। परीक्षा की कठिन घड़ी में मनोवैज्ञानिकों एवं काउंसलर्स का कहना है कि अभिभावकों को चाहिए कि परीक्षा से पूर्व वह अपने बच्चों के खानपान पर विशेष ध्यान रखें। परीक्षा से पहले परीक्षार्थी नकारात्मक डायलॉग से बचें, अभिभावक भी बच्चों के लिए घर का माहौल सहज रखें।
आर्य महिला पीजी कॉलेज मनोविज्ञान विभाग की डीन डॉ. अंशुल जायसवाल ने कहा कि परीक्षा के दिनों में परीक्षार्थी ने जो पढ़ा है, उसी पर विश्वास करें। परीक्षाओं को देखते हुए छात्र अपनी दिनचर्या नियमित रखें और अच्छे खानपान के साथ पूरी नींद लें।
मनोवैज्ञानिक डॉ. अंशुल का कहना है कि परीक्षा के समय अपने बच्चे की सहायक बनें। परीक्षा का तनाव बच्चे को महसूस न हो, इसके लिए माता-पिता को कुछ ऐसे तरीके अपनाने होंगे। बच्चे को समय सारिणी बनाने और उसी के अनुसार पढ़ाई करने में मदद करें, ताकि आपके बच्चे के पास रिवीजन के लिए पर्याप्त समय बचे।
तैयारी के दौरान बच्चे को सेहतमंद रखने के लिए पौष्टिक भोजन देना बहुत जरूरी है। बच्चे की पूरी नींद और आराम का ध्यान रखें और जितना हो सके परीक्षा के समय बच्चों को प्रोत्साहित करते रहें और भावनात्मक सहारा दें।
- यह जानना जरूरी है कि किस वक्त चीजों को बेहतर तरीके से समझ पाते हैं और उसी समय पर पढ़ाई करें।
- 45 से 50 मिनट पढ़ने के बाद ब्रेक जरूर लें। इस दौरान कुछ खाएं। चाहें तो अपनी पसंद का कोई काम करें, जैसे संगीत सुनना या कोई खेल खेलना।
- जो भी पढ़ा है या याद किया है उसे मन ही मन दोहराते रहें। रिवीजन होने से विश्वास बना रहेगा कि मुझे याद है। लिखकर याद करने की कोशिश करें।