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पार्क तो बने पर सुविधाएं नदारद: बनारस के ग्रामीण इलाकों के पार्कों में ओपन जिम लगाने के सपने को नहीं लग सके पंख

Sun, 20 Feb 2022 01:13 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

कोरोना महामारी के दौरान प्रवासी मजदूरों को रोजगार देने के लिए मनरेगा के तहत विकास खंड स्तर पर कई पार्कों के निर्माण कराए गए थे। प्रवासी मजदूरों के माध्यम से मनरेगा के तहत तैयार कराए गए पार्क तो हरे भरे हो गए लेकिन आज भी कई पार्क ऐसे हैं, जहां कई काम अधूरे हैं। 
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जोगियापुर गांव में बना पार्क - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वाराणसी के ग्रामीण इलाकों में लोगों के सैर-सपाटे और योगा, व्यायाम आदि के लिए पार्कों का निर्माण तो करा दिए गए लेकिन अधिकांश पार्कों में ओपन जिम की व्यवस्था नहीं है। जिससे ग्रामीण युवाओं के ओपन जिम में एक्सरसाइज का सपना पूर्ण नहीं हो पाया है।

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दरअसल कोरोना महामारी के दौरान प्रवासी मजदूरों को रोजगार देने के लिए मनरेगा के तहत विकास खंड स्तर पर कई पार्कों के निर्माण कराए गए थे। प्रवासी मजदूरों के माध्यम से मनरेगा के तहत तैयार कराए गए पार्क तो हरे भरे हो गए लेकिन आज भी कई पार्क ऐसे हैं, जहां कई काम अधूरे हैं। ज्यादातर पार्कों में ओपन जिम ही नहीं लग पाया है। 

मरनेगा के तहत बड़ागांव में तीन, सेवापुरी में तीन, आराजीलाइन में एक और पिंडरा में एक पार्क का निर्माण किया गया है। मनरेगा उपायुक्त ने बताया कि कोरोना महामारी के दौरान बच्चों एवं बुजुर्गों के लिए परिवहन मुक्त स्थान, योगा, व्यायाम, टहलने के लिए पाथ वे और बैठने के लिए बेंच की व्यवस्था की गई है।

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ग्रामीण क्षेत्र के पार्क बदहाल - फोटो : अमर उजाला
इसके अलावा खेल विभाग और अन्य विभाग के माध्यम से ओपन जिम भी लगाया जाना था। अभी फिलहाल बड़ागांव ब्लॉक के गांगकला, हसनपुर, फुलवरिया अराजीलाइन के मिल्कीचक, सेवापुरी जोगियापुर, अमीनी, खडगपुर और पिंडरा के रामनगर ग्राम पंचायत में पार्कों के निर्माण का कार्य पूर्ण हो गए है। जहां लोगों के टहलने और बैठने की व्यवस्था की गई है। जबकि कुछ पार्कों में ओपन जिम के उपकरणों को स्थापित करने का काम अधूरा है। 
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शहीद उद्यान में लगे फव्वारे बंद, जिम के उपकरण भी टूटे

शहीद उद्यान वाराणसी। - फोटो : अमर उजाला
ग्रामीण इलाकों के साथ शहरी क्षेत्र के पार्कों की हालत भी कुछ ऐसी ही है। नगर निगम के ठीक सामने शहर के केंद्र में स्थित शहीद उद्यान पार्क में अव्यवस्था का आलम यह है कि यहां पार्क की सुंदरता में चांद लगाने वाला लाइटिंग युक्त फव्वारा हमेशा बंद रहता है।

जब कोई वीवीआईपी आगमन उस ओर होता है या फिर कुछ अवसरों पर ही इसे चलाया जाता है। बाकी समय फव्वारे धूल फांकते हैं। यही नहीं, पार्क में लगे जिम के उपकरण भी खराब हो गए हैं। रख-रखाव और देखरेख के अभाव में जिम के उपकरण आधे से अधिक खराब हो गए हैं।
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