उनका अभिवादन स्वीकार किया। मंच से उन्होंने कहा, पार्टी को निजी प्रापर्टी मानने वाले कभी भाजपा कार्यकर्ताओं का मुकाबला नहीं कर सकते। हम चुनाव के साथ जनता का दिल भी जीतते हैं। विरोधियों पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री ने मतदाताओं से चुनाव में जीत का आशीर्वाद मांगा।
उन्होंने कहा कि पहले काशी के घाटों पर और मंदिरों में विस्फोट होते थे। सरकार के संरक्षण में आतंकियों पर मुकदमे वापस लिए जा रहे थे। लेकिन, बाबा काल भैरव के आगे आतंकवाद, माफिया की एक न चली। बाबा के त्रिशूल के आगे ये टिक न सके।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि मैं चुनाव में हर व्यक्ति तक नहीं पहुंच पाऊंगा, इसलिए आप सभी कार्यकर्ता घर-घर जाकर मोदी का प्रणाम पहुंचाएं। प्रधानमंत्री ने वाराणसी में जिले के बूथ स्तर के भाजपा कार्यकर्ताओं से संवाद करने के साथ ही सातवें चरण के लिए चुनाव-प्रचार अभियान की भी शुरुआत की।
पीएम मोदी ने कहा कि मृत्यु की कामना पर भी मुझे आनंद आया। काशी में मेरी मृत्यु की कामना करने वाले विरोधी भी यह देख रहे हैं कि यहां के लोगों का मुझ पर कितना स्नेह है। अंतिम सांस तक न मेरी काशी मुझे छोड़ेगी और न काशी के लोग।
दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी जब काशी विश्वनाथ धाम के भव्य स्वरूप का लोकार्पण करने आए थे तो सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा था कि अंतिम समय के लिए काशी अच्छी जगह है।