वाराणसी के चुनाव परिणाम पर उठाए सवाल
अजय राय ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी सीट पर कथित चुनावी गड़बड़ी और सहयोगी दलों के सहारे जीत हासिल की। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया और प्रशासनिक मशीनरी के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठाए।
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि मतगणना के शुरुआती सात दौर में प्रधानमंत्री मोदी पीछे चल रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि दोपहर 12 बजे के बाद निर्वाचन आयोग की ओर से चुनाव संबंधी अपडेट मिलने बंद हो गए और शाम सात बजे उनकी जीत घोषित कर दी गई। अजय राय ने इस घटनाक्रम पर सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर ऐसा क्या हुआ, जिससे चुनाव परिणाम बदल गया। ये दावे अजय राय के आरोप हैं; उपलब्ध बयान में इनके समर्थन में स्वतंत्र साक्ष्य नहीं दिए गए हैं।
राजनाथ सिंह के बयान पर किया पलटवार
यह राजनीतिक विवाद राजनाथ सिंह की उस चुनौती के बाद सामने आया, जिसमें उन्होंने राहुल गांधी से समाजवादी पार्टी के समर्थन के बिना चुनाव जीतने को कहा था। इसके जवाब में अजय राय ने रायबरेली में कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन का जिक्र किया और कहा कि पार्टी की राजनीतिक ताकत का आकलन केवल गठबंधन के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए।
अजय राय ने सोशल मीडिया पर भी राजनाथ सिंह को निशाने पर लिया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुनावी जीत को लेकर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या प्रधानमंत्री सहयोगी दलों के समर्थन और प्रशासनिक मशीनरी के कथित दुरुपयोग के बिना चुनाव लड़ने का साहस दिखा सकते हैं।
भविष्य के चुनाव में जवाब देने की बात कही
अजय राय ने दावा किया कि भाजपा चुनावी जीत के लिए अपने सहयोगी दलों पर अधिक निर्भर होती जा रही है। उन्होंने भाजपा पर खरीद-फरोख्त की राजनीति करने के आरोप भी लगाए। कांग्रेस नेता ने कहा कि वाराणसी की जनता भविष्य के चुनावों में इसका जवाब देगी।
यह बयान भाजपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन की राजनीति, चुनावी जीत और राहुल गांधी के नेतृत्व को लेकर जारी राजनीतिक बयानबाजी के बीच आया है। जहां राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी को सपा के समर्थन के बिना चुनाव जीतने की चुनौती दी, वहीं अजय राय ने रायबरेली का उदाहरण देते हुए वाराणसी के चुनाव परिणाम और निर्वाचन आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए।